एसआरएमएस रिद्धिमा में नाटक के मंचन ने दर्शकों को खूब हंसाया
बरेली। सराय को चलाने वाली मालकिन मेहरुन्निसा की कहानी पर आधारित नाटक ‘मलिका-ए-सराय’ का मंचन एसआरएमएस रिद्धिमा में किया गया। मोहब्बत और नफरत के बीच झूलती इस कहानी को ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
रिद्धिमा सभागार में रविवार को रणवीर सिंह लिखित नाटक की कहानी लखनऊ के एक सराय नामतखाना की मालकिन मेहरुन्निसा की इर्द गिर्द घूमती है। मेहरुन्निसा को अपनी सुंदरता पर बहुत नाज है। वो अपनी सराय को चलाने के लिए लोगों को अपनी खूबसूरती के जाल में घेरे रखती है। वहां ठहरे मुसाफिर नवाब और अमीर उल मुल्क मेहरुन्निसा के इश्क में गिरफ्तार हो जाते हैं। दोनों आए दिन मेहरुन्निसा को तोहफे देते हैं।
दूसरी तरफ एक मुसाफिर खां साहब है, जो औरतों से बेहद नफरत करते हैं। मेहरुन्निसा का जादू उन पर नहीं चलता। तब महरुन्निसा ठान लेती है कि वो खां साहब को अपनी मोहब्बत के सामने घुटने टिकवा कर ही दम लेगी। आखिरकार एक दिन खां साहब भी उनसे चंगुल में आ जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच तमाम हास्य परिस्थितियां पैदा होती हैं। आखिर में मेहरुन्निसा सब को छोड़ बचपन के प्यार अपने नौकर फैजू से अपने इश्क का इजहार करती है। यहीं नाटक का समापन होता है।
नाटक का समन्वय विनायक श्रीवास्तव ने किया। इसमें मेहरुन्निसा का शानदार किरदार डॉ. दीप शिखा जोशी ने निभाया। फैजू का किरदार मोहसिन का रहा। इसके अलावा अंशुमन ठाकुर, आयुष्मान मिश्रा, विनायक कुमार श्रीवास्तव, शिवम यादव, प्रतुल सक्सेना, रिया शर्मा, रिया सक्सेना आदि ने अलग अलग भूमिका निभाई। इस मौके पर सभागार में एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, इंजीनियर सुभाष मेहरा व शहर संभ्रांत लोग मौजूद रहे।