विश्व मृदा दिवस पर ग्रामीण किए गए पुरस्कृत।
महिलाओं को दी सब्जियों की पौध, किसानों को पशुओं के लिए दिया मिनरल मिक्सचर
बरेली। विश्व मृदा दिवस के अवसर पर आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से रविवार को भोजपुरा स्थित हमीरपुर गांव में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें कृषि क्षेत्र में विकास के लिए भविष्य की संभावना और चुनौतियों पर चर्चा की गई। किसानों को नैनो तकनीक से खाद का प्रयोग करने की जरूरत बताई गई। महिलाओं को कृषि कार्य से जुड़कर सशक्त बनने का सुझाव दिया गया।
मुख्य अतिथि आईवीआरआई के प्रसार शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महेश चंद्र ने नई तकनीक के सही प्रयोग के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करने का सुझाव दिया। मृदा स्वास्थ्य के लिए खेतों में प्रयोग करने वाले उर्वरक के स्थान पर जैविक उर्वरक के प्रयोग पर जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कहा कि केंद्र की चल रही तमाम प्रसार गतिविधियों से जुड़कर नई तकनीक की जानकारी हासिल कर कृषि में वृद्धि होगी। मृदा स्वास्थ्य के लिए इन तकनीकों के प्रयोग का अनुरोध भी किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञ रंजीत सिंह ने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुरूप कृषि कार्य करने का सुझाव दिया गया। निजी एग्रो कंपनी के जोनल मैनेजर सोमनाथ यादव ने नैनो तकनीक से खाद का प्रयोग करने से खर्च कम होने और उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी। रीजनल मैनेजर पीएस पटेल ने मिट्टी में जीवांश कार्बन सूक्ष्मजीवों की गतिविधि बढ़ाने के लिए नई तकनीक से बने उत्पाद प्रयोग करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान गांव की महिलाओं को सब्जियों की पौध और किसानों को उनके पशुओं के लिए मिनरल मिक्सचर दिए गए। पांच किसानों को मिर्च की फसल के लिए पोषक तत्व दिए गए। इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र की वाणी यादव, विशेषज्ञ शार्दुल विक्रम लाल, प्रसार शिक्षा विभाग के वीर सिंह, एग्रो फर्म के शरद सक्सेना समेत 205 किसान और कृषक महिलाओं ने प्रतिभाग किया।