बरेली। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राइफल क्लब में सात करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज पर ताला लटका हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरणों से सुसज्जित यह रेंज वर्ष 2022 में पूरी तरह बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन अब तक इसके संचालन की जिम्मेदारी किसी संस्था को नहीं सौंपी जा सकी है।
इसके चलते शहर के उभरते निशानेबाज अभ्यास के लिए निजी अकादमियों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। अधिकारियों के अनुसार, शूटिंग रेंज के संचालन और रखरखाव के लिए संस्था चयन की प्रक्रिया बार-बार अटक रही है।
अब तक दो बार टेंडर निकाले जा चुके हैं, लेकिन निर्धारित मापदंडों पर संस्था के खरे न उतरने के कारण दोनों बार टेंडर रद्द कर दिए गए। अब तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शूटिंग रेंज शुरू न होने की वजह से जिला स्तर की कोई प्रतियोगिता अब तक इसमें आयोजित नहीं की जा सकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि एक तरफ सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है, वहीं जब ऐसी सुविधाएं तैयार होकर भी बंद पड़ी हों, तो खिलाड़ियों का मनोबल टूटता है।
इससे पूर्व 10 मीटर रेंज खोली गई थी, लेकिन नवंबर 2024 में राष्ट्रीय स्तर की एक निशानेबाज के धरने पर बैठने से शूटिंग रेंज पर ताला लगा दिया गया था। तब से अब तक यह रेंज खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध नहीं है। संवाद