जिम्मेदारों की अनदेखी से ऊबड़-खाबड़ मार्ग से गुजर रहे लोग
सिरौली। रामगंगा से श्मशान घाट तक मंत्री के आदेश के बाद भी सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं कराया जा सका। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते लोग ऊबड़-खाबड़ मार्ग से गुजरने को मजबूर है। इस मार्ग के खस्ता होने के चलते इसका सबसे ज्यादा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
सिरौली कस्बे में रामगंगा से श्मशान घाट तक नगर पंचायत प्रशासन ने 900 मीटर सड़क निर्माण के लिए 30 लाख का टेंडर डालकर निर्माण कार्य शुरू कराया था। कार्य चार माह पूर्व शुरू हुआ था, लेकिन रामगंगा मोड़ तक सड़क बनने के बाद 300 मीटर सड़क का कार्य रोक दिया गया। इसमें कुछ लोगों का तर्क था कि जो चकरोड जा रहा है, वो खेतों की जगह है, जबकि रामगंगा आने-जाने के लिए राहगीर सैकड़ों साल से इसी मार्ग से गुजरते हैं, तब से यह सड़क निर्माण की प्रक्रिया रुक गई।
फसलें बिक्री करने में हो रही परेशानी
मार्ग खस्ताहाल होने के चलते किसानों को परेशानी हो रही है। किसान इस क्षेत्र में खरबूजा, तरबूज, काली तोरई, खीरा, टमाटर आदि की खेती करते हैं, लेकिन इस मार्ग से फसलों को बाजार तक ले जाने में परेशानी हो रही है। इससे किसान कम कीमतों में ही अपनी फसल को बेच रहे है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है।
श्मशान घाट समिति के रामपाल मौर्य, पुनीत गुप्ता ने बताया कि वे अनगिनत शिकायत थाना समाधान दिवस में कर चुके हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। संवाद