बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में शनिवार को आयोजित औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बरेली-मुरादाबाद मंडल के किसानों को इसके फायदे बताए। स्टॉलों के जरिये किसानों ने अपने उत्पाद और फसलों का प्रदर्शन किया।
मंत्री ने कहा कि राज्य में उपलब्ध कुल कृषि क्षेत्र के 10 प्रतिशत हिस्से में औद्यानिक और शेष 90 फीसदी में परंपरागत फसलें होती हैं। उत्पादन का अनुपात देखा जाए तो क्रमवार 46 और 90 प्रतिशत है। औद्यानिक फसलों को बढ़ाएं तो कृषि क्षेत्र में बड़ी क्रांति आ जाएगी। निश्चित रूप से किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। गोष्ठी में निदेशक भानु प्रकाश राम ने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।उन्होंने भी गेहूं-धान और औद्यानिक फसलों के उत्पादन व मुनाफे का गुणाभाग भी समझाया।
गांधी परिवार क्या जाने चुटकी भर सिंदूर की कीमत : मंत्री
राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर कुछ लोगों ने सवाल खड़े किए। किसानों से पूछा कि राहुल गांधी की मां-बहन की मांग में कभी सिंदूर देखा है? जिसकी बहन की मांग में किसी भारतवासी ने कभी सिंदूर नहीं देखा, वह भारत को दिशा देने की बात करते हैं। चुटकी भर सिंदूर की कीमत ये गांधी परिवार क्या जानें। कुछ लोग अब भी बिजली पर सवाल उठाते हैं। आप बताएं 2017 से पहले कितनी बिजली मिलती थी। एक सप्ताह रात में और दूसरे सप्ताह दिन में बिजली आती थी। अब 18 घंटे बिजली मिल रही है। संवाद
ऑनलाइन बिक जाता है शहद
15 साल से मधुमक्खी पालन कर रहा हूं। 350 बाक्स हैं। एक साल में 20-25 क्विंटल शहद उत्पादन कर चार-पांच लाख रुपये कमा लेते है। ज्यादातर शहद घर से बिक जाता है। इसके अलावा ऑनलाइन मार्केटिंग भी करते हैं। - सतीश कुमार, गिरधारीपुर
दो एकड़ में धान-गेहूं के साथ ही फल-सब्जी, हल्दी की जैविक खेती करते हैं। सानिया प्रजाति की हल्दी अन्य हल्दियों से काफी अलग है। इसमें आम जैसी सुगंध है और गैस की बीमारी के लिए रामबाण है। दो गाएं भी पाल रखी है। - अनिल दत्त दुबे, चंदौसी
पहले दो एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती की तो 15 लाख रुपये की कमाई हुई। दूसरे साल रकबा और बढ़ा लिया। अब 12 बीघे ड्रैगन फ्रूट की फसल में फूल आ गए हैं। जुलाई में मार्केट ले जाएंगे। करीब 25 लाख रुपये कमाई की उम्मीद है। - यशपाल, महिमापट्टी