बरेली। सुरेश शर्मा नगर स्थित कोपल अस्पताल में दो माह पूर्व फोटोथेरेपी मशीन से बच्चे के गिरने का मामला लोकायुक्त तक पहुंचा तो स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की नींद टूटी। एनआईसीयू को सील किया। इधर, परिजनों ने जांच अफसरों पर साक्ष्य गायब करने के आरोप लगाए हैं।
नवाबगंज निवासी नीरेंद्र गंगवार ने लोकायुक्त समेत जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में बताया है कि कोपल अस्पताल में नौ दिसंबर को बेटे को भर्ती कराया था। चिकित्सकीय लापरवाही से वह फोटोथेरेपी मशीन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस संबंध में उन्होंने दस दिसंबर 2025 को सीएमओ को शिकायती पत्र दिया था। सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप को जांच सौंपी थी। आरोप लगाया कि समिति ने अस्पताल प्रबंधक से मिलीभगत कर मामले को दबाने का प्रयास किया। फोटोथेरेपी मशीन से गिरने की सीसी फुटेज नष्ट कर दी।
प्रकरण पर जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपकर सीएमओ समेत जांच टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामला शासन और लोकायुक्त तक पहुंचा तब जांच टीम दोबारा अस्पताल गई और एनआईसीयू सीलिंग की कार्रवाई की।
मशीन से बच्चा गिरा या नहीं, सीसी फुटेज में नहीं दिखा
जांच अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित कुमार का कहना है कि जांच में कोई कोताही नहीं बरती गई। सीसी फुटेज बेहद खराब था। बच्चा मशीन से गिरा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं था। यह एनआईसीयू की पुख्ता निगरानी में कोताही है। मानक पूरे न होने पर एनआईसीयू को सील किया गया है। हालांकि, नीरेंद्र ने मामले के साथ ही जांच समिति सदस्यों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की थी।