मृदा दिवस पर विशेष : मृदा परीक्षण में मंडल के चारों जनपदों की भूमि में नाइट्रोजन व आर्गेनिक की कमी, फसलों के पैदावार में आई कमी
भोजीपुरा। मंडल के चार जनपदों बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में खरीफ सीजन के मृदा परीक्षण में बरेली के तहसील बहेड़ी क्षेत्र की भूमि सबसे ज्यादा उपजाऊ है। विभागीय टीम ने चारों जनपदों की भूमि से 72,800 मृदा परीक्षण के नमूने लिए। इसमें आयरन तो कहीं नाइट्रोजन और आर्गेनिक तत्वों की कमी सामने आई। इससे फसलों के पैदावार में कमी आई है।
बरेली के बिलवा स्थित मृदा परीक्षण केंद्र के सहायक निदेशक नरेंद्र प्रताप मौर्य ने बताया कि खरीफ सीजन में मंडल के चारों जनपदों की भूमि से 72,800 मृदा नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजा गया। परीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ तहसील या ब्लॉक क्षेत्रों को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में नाइट्रोजन, ऑर्गेनिक व आयरन जैसे तत्वों में कमी पाई गई। इसके साथ फास्फोरस एवं पोटाश भी मध्यम स्तर पर पाया गया। मृदा परीक्षण विभाग ने मिट्टी की जांच के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्डों में संतुलित मात्रा में रासायनिक एवं जैविक उर्वरकों के प्रयोग किए जाने की अपील की गई है।
इन जगहों की मिट्टी में मिली कमी
सहायक निदेशक ने बताया कि फरीदपुर और बदायूं की तहसील दातागंज की भूमि में आयरन व जिंक की कमी पाई गई है। बदायूं सदर तहसील से सहसवान में जिंक व पोटाश मध्यम स्तर पर पाया गया है। उन्होंने बताया कि मंडल के चारों जनपदों के भूमि में उपजाऊ पोषक तत्वों की कमी है। इससे फसलों के पैदावार पर फर्क पड़ रहा है। किसानों को पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य मृदा कार्डों पर उपजाऊ तत्वों की पूर्ति के लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंडल भर के जिलों में अब रबी की सीजन में फिर से मिट्टी के नमूनों की जांच कराई जाएगी। संवाद
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जमीन को उपजाऊ बनाने की दी सलाह
सहायक निदेशक ने बताया कि किसान पोषक तत्वों की पूर्ति व जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए फसल चक्र अपना सकते हैं। इसके लिए कंपोस्ट, रासायनिक खाद का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि व्यापक स्तर विभिन्न माध्यमों से कृषि विभाग द्वारा प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। पीलीभीत और शाहजहांपुर में नाइट्रोजन और आर्गेनिक तत्वों की कमी के चलते व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।