फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: जाट रेजिमेंट के नाम दर्ज सम्मान बताते हैं बटालियन का पराक्रम

Sun, 26 Jul 2026 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। कारगिल विजय दिवस ऑपरेशन विजय (1999) में भारत की जीत, देश की संप्रभुता, अखंडता की रक्षा के लिए बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। कारगिल युद्ध में जाट रेजिमेंट सेंटर बरेली से प्रशिक्षित रेजिमेंट की चार, आठ, 12, 17, 18 बटालियन शामिल रहीं। इन्होंने दुर्गम, बर्फीली पहाड़ियों और द्रास, मशकोह जैसी जगहों पर मोर्चा संभाला।
विज्ञापन

17 जाट बटालियन के कैप्टन अनुज नैय्यर को पिंपल घाटी पर कब्जे के दौरान अदम्य पराक्रम के लिए मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसी बटालियन के ब्रिगेडियर उमेश सिंह बावा और मेजर दीपक रामपाल, हवलदार कुमार सिंह सोगरवाल को (मरणोपरांत) वीर चक्र, सिपाही सुरेंदर (मरणोपरांत) सेना मेडल, आठ जाट रेजिमेंट के हवलदार शीशराम गिल (मरणोपरांत) को वीर चक्र मिला। 17 जाट बटालियन को प्रतिष्ठित बैटल ऑनर मशकोह और थियेटर ऑनर कारगिल से भी नवाजा गया था।
20 साल पहले बना था कैंट में कारगिल चौक फिर शहीद स्मारक
जाट रेजिमेंट सेंटर के जवानों के पराक्रम को प्रदर्शित करने और सर्वोच्च बलिदानियों के सम्मान में वर्ष 2005 में कारगिल चौक बनाया गया। कैंट बोर्ड के सेवानिवृत्त अभियंता आरके माहेश्वरी के मुताबिक, तत्कालीन मेजर जनरल बीडब्ल्यू केल्सन और सीईओ भावना सिंह के निर्देशन में चौक बना था। मेजर जनरल डीएस चौहान ने 26 जुलाई 2006 को चौक का उद्घाटन किया था। 16 नवंबर 2009 को शहीद स्मारक पर कर्नल ऑफ जाट रेजिमेंट लेफ्टीनेंट जनरल बीएस नागपाल ने जाटवीर कैप्टन अनुज नैय्यर व अन्य जांबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें