बरेली। बारादरी पुलिस ने जिन्न से खजाने का राज पूछने के बहाने ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा कर पांच गुर्गों को जेल भेज दिया। जिल मौलवी की गोली लगने से हत्या की बात कही जा रही थी, वह भी जिंदा मिला। घटना में इस्तेमाल कार, पीतल का कलश, पीली धातु के 18 सिक्के, ठगे गए 27 हजार रुपये, एक तमंचा, कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि बदायूं के वजीरगंज थाने के बरौर गांव निवासी मोहनलाल से एक गिरोह ने उनके खेत में दबा खजाना निकालने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी कर ली थी। खजाना निकलते वक्त आरोपियों ने मौलवी को गोली लगने और बाद में उसकी मौत होने का ड्रामा भी रचा था। रिपोर्ट न लिखवाने के बदले छह लाख रुपये मांगे थे।
बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विकास भवन के पास से भोजीपुरा थाने के गांव अंबरपुर निवासी इकलास खां, लियाकत खां व शाहमीर खां और रामपुर जिले के शाहबाद थाने के ओसी निवासी भूरा खां व मोहम्मद रजा को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मोहम्मद रजा ही कथित मौलवी है, जिसके मरने की बात बताई जा रही थी।
स्टेशन और बस स्टैंड पर फंसाते हैं शिकार, हत्या का मामला निपटाने के बहाने ऐंठते हैं रकम
पुलिस के मुताबिक आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। वे रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन के पास परेशान हाल लोगों को फंसाकर मोहम्मद रजा के पास ले जाते हैं। इकलास, लियाकत और शाहमीर आदि परेशान शख्स के घर जाकर बताते हैं कि किसी ने टोना-टोटका कर दिया है। मौलवी बताता है कि उनके घर या खेत में खजाना दबा है। इस बहाने रकम ऐंठते हैं। खुद ही नकली सिक्कों का कलश खेत में दबा देते हैं, बाद में उसे निकालते हैं। कुछ दिन बाद फिर उसी खेत में जाकर तंत्र-मंत्र करते हैं। इसी दौरान इनका गुर्गा मौके पर आकर फायर करता है और मौलवी मरने का नाटक करता है। पहले से रखा बकरे के खून से भरा गुब्बारा फोड़ देता है। इससे संबंधित व्यक्ति घबराकर भाग जाता है और गुर्गे मौलवी को लेकर चले जाते हैं। बाद में मौलवी की हत्या का डर दिखाकर वसूली करते हैं। मोहनलाल उनको चार लाख रुपये दे चुका था। उससे छह लाख रुपये और लेने थे कि इसी बीच आरोपी पकड़ लिए गए। सीओ तृतीय देवेंद्र कुमार ने बताया कि सभी आरोपी जेल भेज दिए हैं। अमर उजाला ब्यूरो