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Bareilly News: बैंकों की दहलीज पर दम तोड़ रहा स्वरोजगार का ख्वाब

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बरेली। सरकार चाहती है कि हर युवा स्वरोजगार की राह पर चलकर आत्मनिर्भर बने, पर बैंक इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। प्रदेशभर में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत 10-20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। नए उद्योग लगाने की कोशिश में जुटे युवाओं को बैंक ऋण देने में आनाकानी कर रहे है। महीनों तक फाइलें बैंकों में धूल फांक रही हैं। इसके बाद उन्हें अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में मध्यम उद्यम लगाने के लिए 246 लोगाें को ऋण दिए गए थे, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में मात्र 216 लोगों को ऋण मिल पाया। संवाद
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अपनी जमीन नहीं होने से निरस्त कर दी फाइल


केस 1

सीबीगंज के आदर्श कुमार ने बताया कि उन्होंने रेडिमेड कपड़े और काज-बटन का कारखाना लगाने के लिए 10 लाख रुपये का ऋण लेने के लिए छह माह पहले एक सरकारी बैंक में आवेदन किया था। सभी दस्तावेज पूरे थे। कई माह बैंक के चक्कर लगाए, लेकिन अपनी जमीन नहीं होने की वजह से आवेदन निरस्त कर दिया गया।


सालभर बाद निरस्त कर दी फाइल
केस 2

बांस मंडी के पास रहने वाले रिषभ ने बताया कि उन्होंने फर्नीचर का काम शुरू करने के लिए 20 लाख रुपये ऋण का आवेदन किया था, पर सालभर बीत जाने के बाद भी उन्हें ऋण नहीं मिला। बैंक जाकर पूछा तो उन्होंने पात्र न होने का दावा करते हुए फाइल को निरस्त कर दिया। अब वह प्राइवेट बैंक के चक्कर लगा रहे है।
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वर्जन
बैंक में उन्हीं लोगों की फाइल निरस्त की जाती है, जो लोन लेने के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं। - वीके अरोरा, एलडीएम
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