बरेली। नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) से अनुशासन और संयम का सबक सीखकर निकले युवा अब देश की सरहद की रखवाली कर रहे हैं। एनसीसी में आने वाले अधिकतर विद्यार्थियों का पहला उद्देश्य सेना में जाने का होता है। दूसरी सेवाओं में भी उन्हें वरीयता मिलती है। बरेली कॉलेज में एनसीसी की 8वीं बालिका वाहिनी व 21वीं वाहिनी के भी कई कैडेट आज सेना में तैनात होकर देश की सेवा कर रहे हैं।
बरेली कॉलेज की एनसीसी अधिकारी प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि वर्ष 1932 से युनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर के रूप में एनसीसी अस्तित्व में आया। इसके जरिये कई विद्यार्थी सशस्त्र सेनाओं, पुलिस व अन्य क्षेत्रों मेंं नौकरी पा रहे हैं। 21वीं वाहिनी के एनसीसी अधिकारी डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि कॉलेज के 20 कैडेटों सेना, वायुसेना, नौसेना सहित अन्य सुरक्षा बलों एवं पुलिस विभाग में नियुक्ति पाई है। विद्यार्थियों ने बताया एनसीसी का प्रशिक्षण उनके लिए काफी मददगार साबित हुआ।
एनसीसी में सीखीं बारीकियां सेना भर्ती में आती हैं काम
चार दिन पहले वायुसेना की एक्स कैटेगरी में चयन हुआ है। स्नातक पंचम सेमेस्टर की परीक्षाओं के साथ ही भर्ती के लिए लिखित परीक्षा, मेडिकल व शारीरिक दक्षता की भी तैयारी की। एनसीसी में सिखाई गई कई बारीकियां इसमें काम आईं। - मोहित गुर्जर
मैंने छह नवंबर को भारतीय नौसेना में ज्वॉइन किया है। इस सफर में एनसीसी का सबक काफी काम आया। मैं ग्रामीण परिवेश से हूं। मेरी सफलता से से प्रेरणा लेकर बहन भी नेवी में शामिल हो गई है। गांव की दूसरी बेटियां भी तैयारी में जुटी हैं। - दीपशिखा
मेरा चयन इसी वर्ष अगस्त में सेक्रेटेरियट सिक्योरिटी फोर्स में हुआ है। इसमें एनसीसी में मिला प्रशिक्षण काम आया। एनसीसी के अधिकतर कैडेट किसी न किसी रूप में सेना का हिस्सा बनना चाहते हैं। मैंने भी अपनी तैयारी एनसीसी से ही की। - पूजा
एनसीसी में पसीना बहाने का लाभ मिला। मेरा चयन पुलिस विभाग में हो गया है। एनसीसी में तीन साल का सी सर्टिफिकेट पूरा किया है। इस दौरान जो अनुशासन सीखा, पुलिस विभाग में भर्ती से लेकर प्रशिक्षण और सेवा तक वह काम आ रहा है। - दीपू, बदायूं