बरेली। सावन माह के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ लेकर आने वाले शिवभक्तों के जत्थे रविवार को शहर पहुंचे। देर रात तक यह सिलसिला जारी रहा। तड़के से ही शहर के सभी प्रमुख नाथ मंदिरों के साथ ही अन्य शिवालयों में जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया।
कछला, हरिद्वार और गढ़ से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों के चलते बदायूं रोड, लाल फाटक रोड और रामपुर रोड पर रविवार को मेले जैसा माहौल दिखा। इस बार यात्रा में कलश वाली कांवड़ का विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। शिवभक्त कंधे पर 50 से 100 व 125 लीटर जल वाले कलश रखकर यात्रा कर रहे हैं।
बदायूं रोड पर भोजीपुरा के महंत देवानंद तिरंगा और विभिन्न मंदिरों के स्वरूपों की मनमोहक झांकियों के साथ अपने जत्थे के साथ पहुंचे। कलश कांवड़ भी शामिल रही। उन्हाेंने बताया कि इस बार उनकी 17वीं यात्रा है। जत्थे में करीब 50 कांवड़ियों की टोली चल रही है। कहा कि अगली बार राम मंदिर की कांवड़ बनाकर लाएंगे।
सुधांशु ने बताया कि वह कछला से 50 लीटर जल लेकर आ रहे हैं। सीबीगंज निवासी शिवभक्त कछला से शंकर भगवान की मूर्ति को कंधे पर रखकर लाए।पीलीभीत और पूरनपुर के जत्थे भी लाल फाटक से होते हुए अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया गया।
रामगंगा के आसपास शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर और पंडाल लगाए गए। सड़कें दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले से गुंजायमान रहीं।कांवड़ियों के बढ़ते दबाव के चलते लाल फाटक रोड पर यातायात बाधित रहा।
कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हुई। बदायूं जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मशक्कत के बाद एंबुलेंस को जाम से निकाला।