\बिजली विभाग ने शहर में दो और सबस्टेशन चालू कर दिए हैं। मढ़ीनाथ में स्थापित नया उपकेंद्र आसपास इलाकों में ओवरलोडिंग और लो वोल्टेज की समस्या दूर करेगा जबकि नदौसी के सबस्टेशन से भी कई इलाकों को फायदा होगा। दोनों के निर्माण में 12 करोड़ रुपये की लागत आई है। चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने छह महीने पहले कार्यभार संभालते ही जोन में सप्लाई और मांग की समीक्षा की थी। इसमें पाया गया कि शहर में चार लंबित बिजली उपकेंद्रों का निर्माण जमीन उपलब्ध न होने के कारण नहीं हो पा रहा है। जबकि कई स्थानों पर ओवरलोडिंग और लो वोल्टेज आदि समस्या बनी हुई है। चीफ इंजीनियर ने राजेंद्रनगर में दूसरा स्टेशन बनाने, मढ़ीनाथ, करगैना, नदौसी और ठिरिया में आ रही जमीन संबंधी समस्याएं दूर करने का अभियान शुरू किया। कमिश्नर प्रमांशु कुमार ने सहयोग दिया तो राजेंद्रनगर में दूसरा सब स्टेशन बनाने के लिए जमीन मिल गई और मढ़ीनाथ समेत अन्य स्थानों पर बाधाएं दूर हुईं।
अब मढ़ीनाथ और नदौसी में तैयार सब स्टेशनों पर परीक्षण सफल हुआ है। विद्युत कार्य मंडल अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मढ़ीनाथ और नदौसी उपकेंद्र की क्षमता पांच-पांच एमवीए है। इन दोनों स्टेशनों पर परीक्षण शुरू हो गया है। औपचारिक शुरुआत जल्द कराई जाएगी। मढ़ीनाथ उपकेंद्र बनने से सुभाष नगर स्टेशन का लोड कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ठिरिया, करगैना और सेटेलाइट स्टेशन भी तैयार है, इन पर ट्रांसफार्मर और लाइन वर्क लंबित है। एसई शहर मनोज पाठक ने बताया कि उपकेंद्र पर परीक्षण किया जा रहा है, जल्द ही हैंडओवर होते ही नियमित सप्लाई होने लगेगी।