मौसेरे भाई से थी दोस्ती, पुलिस को मिली कॉल डिटेल से खुला राज
फरीदपुर (बरेली)। बीते रविवार सुबह से लापता युवती की लाश सोमवार शाम ढले तालाब में मिली। पुलिस अफसरों ने शव निकलवाया तो साफ तौर पर हत्या का मामला सामने आया। परिवार के लोगों ने शव की पहचान तो कर ली, लेकिन उनके बयानों से कहानी उलझती गई। मामला ऑनरकिलिंग की ओर इशारा कर रहा है, इसमें अपने ही पुलिस के निशाने पर हैं। युवती के मौसेरे भाई से दोस्ती के सबूत भी पुलिस ने जुटा लिए हैं।
मोहल्ला परा स्थित तालाब में सोमवार शाम युवती का शव देखकर लोगों ने पुलिस बुला ली। तालाब पर भीड़ जमा हो गई। शव निकलवाने के काफी देर बाद तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में मोहल्ला परा के एक शख्स ने युवती की अपनी बेटी के रूप में पहचान की। पिता ने बताया कि रविवार सुबह साढे़ चार बजे बेटी घर में झाड़ू लगाने के बाद टहलने निकली थी। इसके बाद घर नहीं लौटी। काफी तलाश किया, लेकिन पता नहीं चला। पुलिस ने थाने में सूचना न देने की वजह पूछी तो वह टाल गए। कहा, उनका किसी पर आरोप नहीं है, संभव है पैर फिसलने से बेटी तालाब में गिर गई हो। आत्महत्या की भी कोई वजह नहीं है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवती बीए सेकंड ईयर की छात्रा थी। उसकी आंखें और जुबान बाहर निकली थी। इससे पुलिस को गला दबाकर हत्या करने का संदेह है। शव चार से पांच दिन पुराना लग रहा है।
युवती के गायब होने की नहीं दी तहरीर
करीब 36 घंटे से लापता जवान बेटी के परिवार ने इस दौरान पुलिस को कोई सूचना नहीं दी और न ही उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई पहुंचे। सवाल यह भी है कि वह किसके साथ टहलने गई थी। परिवार के पास इसका भी कोई जवाब नहीं है। जहां शव मिला वहां से उसके घर की दूरी मात्र आधा किलोमीटर है, फिर परिवार के लोग इधर बेटी को तलाश करने क्यों नहीं आए।
कॉलडिटेल ने खोला राज, मौसेरे भाई से थी दोस्ती
छात्रा की मौसी सुभाषनगर क्षेत्र के एक गांव में रहती हैं। उनके बेटे से उसकी दोस्ती थी। पुलिस को छात्रा का मोबाइल तो नहीं मिला पर जब नंबर सर्विलांस पर लगाया गया तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। इलाके में चर्चा है कि मौसेरे भाई से दोस्ती परिवार को पसंद नहीं थी। इसे लेकर कई बार नोकझोंक भी हुई। शायद इसी वजह से लड़की की जान गई है। शव तालाब में न उतराता तो कोई बहाना बनाकर किस्सा खत्म कर दिया जाता।