कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने देर शाम आडिट टीम पर आपत्तियों को निस्तारित करने की एवज में सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और निदेशक भूमि अध्याप्ति (वित्त) को ज्ञापन सौंपा। जिसमें आडिट आपत्तियों के निस्तारण में गड़बड़ी करने वाली टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ में एक बार जो आपत्तियां निस्तारित हो गईं हो, उनको फिर से शामिल न करने का अनुरोध किया।
उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रुपेश सिन्हा व सचिव शिवेश कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से ज्ञापन में कहा है कि अपर आयुक्त (वित्त) के लेखा दल ने शाहजहांपुुर में आडिट के दौरान पे बेंड को लेकर आपत्ति लगाई थी, जिसे राजस्व परिषद की मंडलीय बैठक में 17 जून 2015 को निस्तारित कर दिया था। उसके फिर से वही आपत्ति लगा दी, जिसे मंडलीय आडिट टीम में निस्तारित करने का आश्वासन दिया लेकिन अब उसे निस्तारित करने के लिए सुविधा शुल्क मांगी जा रही है। इसी तरह के आरोप जिले की अन्य आडिट आपत्तियों के बारे में लगाए गए। मंडल में 5538 आडिट आपत्तियां लगाई गईं हैं, जिनमें बरेली जिले की सर्वाधिक 2245 आपत्तियां हैं। इसके बाद शाहजहांपुर में 1139, पीलीभीत में 1061 तथा बदायूं में 1093 आडिट आपत्तियां हैं। इस मामले में निदेशक भूमि अध्याप्ति (वित्त) एसके राय ने सुविधा शुल्क के आरोपों को गलत बताया और कहा कि नियमानुसार आत्तियों को निस्तारित करने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए 11 जनवरी से अभियान चल रहा है।