बरेली। किशोरी से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार सेठ ने किया।
घटना की रिपोर्ट थाना शेरगढ़ में 29 जून, 2015 को लिखाई गई थी। रिपोर्ट में वादी ने कहा कि उसकी चौदह साल की बेटी को मवई काजियान का अनिल मौर्य घर पढ़ाने आता था। 23 जून, 2015 को वादी अपनी पत्नी के साथ ससुराल गया था। घर पर किशोरी और उसका भाई था। अनिल मौर्य किशोरी को पढ़ाने के बहाने घर आया और किताब दिलाने के बहाने किशोरी को साथ ले गया।
माता-पिता घर लौटे तो उन्होंने बेटी को घर पर न पाकर उसकी तलाश की। अनिल के घर गए तो उसके पिता गेंदन लाल ने कहा कि लड़की मिल जाएगी, लेकिन वह वापस नहीं आई। तब उसने रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर मेडिकल कराया तो उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील हरेंद्र पाल सिंह राठौर ने कुल सात गवाह पेश किए। कोर्ट ने अनिल मौर्य को किशोरी के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए दस साल कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।