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Bareilly News: बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण की अड़चन दूर, कटेंगे दस हजार पेड़

Sat, 09 Nov 2024 04:29 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण में कुल 10 हजार पेड़ कटने हैं। इनकी जगह एक लाख नए पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए एनएचएआई वन विभाग को सात करोड़ रुपये देगा। 
 
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बरेली-सितारगंज हाईवे का काम शुरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण को रफ्तार देने के लिए भूमि अधिग्रहण और पेड़ की अड़चन दूर करते-करते करीब आठ महीने बीत गए, अब जाकर प्रक्रिया पूरी हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वन विभाग को चौड़ीकरण में बाधा बन रहे पेड़ कटवाने और दूसरे स्थान पर नए पेड़ लगाने के लिए सात करोड़ रुपये देगा। कुल 10 हजार पेड़ कटने हैं। इनकी जगह एक लाख नए पौधे लगाए जाएंगे।

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बरेली-सितारगंज हाईवे का चौड़ीकरण दो हिस्सों में हो रहा है। पहले हिस्से में 14 मार्च से चौड़ीकरण शुरू हो चुका है। दोनों हिस्सों में नौ बाइपास प्रस्तावित हैं। पहले में 90 और दूसरे हिस्से में जमीन का 65 प्रतिशत अधिग्रहण हो गया है। वन विभाग पेड़ कटवा देता है तो 15 प्रतिशत जमीन पर कब्जा और मिल जाएगा। इसके बाद हाईवे का निर्माण तेजी से हो सकेगा।

आबादी क्षेत्र में नहीं थमेंगे पहिये
पहले हिस्से में सिथरा बाइपास का निर्माण शुरू हो गया है। हाफिजगंज-नवाबगंज 12 किलोमीटर लंबा है। रिठौरा बाइपास पांच और जहानाबाद 9.5 किलोमीटर लंबा है। इनके बनने पर आबादी के क्षेत्र में वाहनों के पहिये नहीं थमेंगे। अधिकारियों का दावा है कि अगर कोई बाधा नहीं आती है तो निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। अनुबंध में दो साल का समय कार्यदायी संस्था को दिया गया है।

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परियोजना पर एक नजर
  • 72.5 किलोमीटर बरेली-सितारगंज हाईवे की कुल लंबाई
  • 32.5 किलोमीटर हिस्से का पहले हिस्से में हो रहा चौड़ीकरण
  • 38.00 किलोमीटर का चौड़ीकरण दूसरे हिस्से में
  • 09 बाइपास दोनों चरण में हैं प्रस्तावित, तीन का निर्माण शुरू

बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण को अब रफ्तार मिलेगी। पहले हिस्से पर पहले से काम चल रहा है। दूसरे चरण में 10 नवंबर से काम शुरू हो जाएगा। - प्रशांत दुबे, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

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