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बरेली: जन्माष्टमी के लिए फूलों से सजाए जा रहे मंदिर, कोलकाता से मंगाए गए 14 प्रकार के फूल

Wed, 02 Sep 2026 04:32 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बांके बिहारी मंदिर को कोलकाता से मंगवाए गए 14 प्रकार के फूलों से सजाया जा रहा है। हरि मंदिर में फूल बंगला सजेगा और बच्चे प्रस्तुति देंगे। 
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बांके बिहारी मंदिर को रोशनी से सजाया गया - फोटो : स्रोत- मंदिर प्रबंधन
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विस्तार
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बरेली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के बांके बिहारी मंदिर, हरि मंदिर, रामायण मंदिर समेत अन्य मंदिरों को सजाया जा रहा है। जगह-जगह लीला का मंचन भी किया जाएगा। 
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बांके बिहारी मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी और श्री राधाष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर के 36वें वार्षिकोत्सव को लेकर इस बार मंदिर को विशेष स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके लिए कोलकाता से 14 प्रकार के फूल विशेष रूप से मंगवाए जा रहे हैं। सजावटी के लिए मथुरा-वृंदावन से कलाकार आ रहे हैं। 

इस वर्ष की सजावट की मुख्य थीम मटके में माखन लेते बांके बिहारी एवं राधा रानी पर फूलों की वर्षा रखी गई है। फूलों की इस मनमोहक सजावट के साथ-साथ पूरे मंदिर परिसर में आकर्षक लाइटिंग भी की जाएगी। 
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हरि मंदिर में सजाया जाएगा फूल बंगला 
हरि मंदिर के सचिव रवि छावड़ा ने बताया कि मंदिर में बीते दो महीने से बच्चे तैयारी कर रह है। जन्माष्टमी पर ये प्रस्तुति देंगे। फूल बंगला सजाने के साथ ही ठाकुरजी का भव्य शृंगार किया जाएगा। 
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मंदिर में चार से 19 सितंबर तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जन्माष्टमी महोत्सव, हरिनाम रसधार, एक शाम ठाकुर जी के नाम आदि कार्यक्रम होंगे। शहर के तमाम अन्य मंदिरों में भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इस्कॉन में 108 कलशों से होगा महाभिषेक
मुड़िया अहमदनगर स्थित इस्कॉन (राधा वृंदावन चंद्र) मंदिर में चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर अध्यक्ष भीम अर्जुन दास ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 4:30 बजे मंगला आरती से शुरू होंगे और रात 12:30 बजे तक चलेंगे। 

मुख्य आकर्षण रात 10:00 से 12:00 बजे तक 108 कलशों से होने वाला महाभिषेक होगा। श्रीकृष्ण को 108 प्रकार के शुद्ध व सात्विक व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मंदिर की सजावट के लिए मथुरा-वृंदावन, दिल्ली और कोलकाता से विशेष फूल मंगाए जा रहे हैं। 

बच्चे रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन और 100 से अधिक इस्कॉन स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। 
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