परिवार ने ली राहत की सांस
घर लौटने के बाद भी दीपक के चेहरे पर नेपाल में देखी तबाही का खौफ साफ नजर आ रहा है। उन्होंने घर आने के बाद भी अपना फोन तक चालू नहीं किया। दीपक के भाई नरेंद्र गुप्ता के अनुसार, भाई की सकुशल वापसी परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। तीन दिनों तक संपर्क न होने से परिवार बेहद चिंतित था। लगातार फोन बंद मिलने से उनके मन में तरह-तरह के ख्याल आ रहे थे। मित्र सुशील से जानकारी मिलने के बाद परिजनों की चिंता कुछ कम हुई। अब परिवार दीपक के घर लौटने से राहत महसूस कर रहा है।