शीशगढ़। गांव भैंसिया निवासी विम्मी (13) की संदिग्ध परिस्थितियों में दो मई की शाम को मौत हो गई। किशोर के ताऊ राजू ने हत्या का आरोप लगाते हुए मंगलवार को तहरीर दी है।
राजू ने पुलिस को बताया कि उनके भाई विनोद मानसिक बीमार हैं। विनोद का बेटा विम्मी (13) पिता के साथ गांव में रहता था। विम्मी की मांग पति-बेटे को बचपन में ही छोड़कर चली गई थी। उसके बाद से राजू ही भाई-भतीजे की देखभाल करते थे। कुछ समय पहले विनोद कहीं चले गए और राजू काम के सिलसिले में बाहर चले गए थे। उनके जाने के बाद गांव के कुछ लोग विम्मी से खेती-बाड़ी और घरेलू काम करवाते थे। कुछ ग्रामीण दो मई की सुबह विम्मी को घर से बुलाकर साथ ले गए थे। शाम को मौत हो गई। इसकी सूचना भी परिजनों को नहीं दी। आरोप है कि मौत की वजह पूछने पर आरोपी ग्रामीणों ने फोन कॉल पर झगड़ा किया।
इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने बताया कि विम्मी के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विम्मी के बीमार होने की नहीं दी सूचना
दूसरे ताऊ जमुना प्रसाद ने बताया कि वह उत्तराखंड के लालपुर में रहकर कंपनी में काम करते हैं। घर पहुंचने पर ग्रामीणों ने जानकारी मिली कि विम्मी को बुखार था। वह जिस ग्रामीण के यहां काम करता था, उसने दवा नहीं दिलवाई। मेडिकल से बुखार की दवाई खरीदकर खिला दी। तबीयत बिगड़ने पर वे लोग विम्मी को उत्तराखंड के किच्छा स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर गए। वहां से विम्मी को हल्द्वानी के अस्पताल रेफर किया गया। वहां से जाने के दौरान विम्मी ने दम तोड़ दिया। विम्मी के बीमार होने की सूचना उसके परिजनों को नहीं दी गई।
जमीन के लालच में हत्या की आशंका
विम्मी के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने विम्मी की जमीन के लालच में उसकी हत्या की है। उनका कहना है कि आरोपी ग्रामीण, विम्मी के पिता की जमीन जोत रहे थे और उस पर कब्जा करना चाहते थे। इसी वजह से इस घटना को अंजाम दिया गया। विम्मी के परिवार ने पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।