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Bareilly News: ईंट भट्ठे पर 40 लाख रुपये की कर चोरी पकड़ी, 12 लाख ईंटें समेत 42 टन कोयला जब्त

Tue, 11 Mar 2025 05:02 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र के मुताबिक सात मार्च को टीम जांच के लिए मीरगंज गौसियां ईंट भट्ठे पर पहुंची थी। जांच के समय भट्ठे में फुंकाई चल रही थी। बिक्री, पथाई, फुंकाई, स्टॉक रजिस्टर जांच के समय उपलब्ध नहीं हुए।
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गौसियां ईंट भट्ठे पर जांच करने पहुंची जीएसटी टीम - फोटो : विभाग
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विस्तार
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बरेली में ईंट भट्ठों पर जीएसटी एसआईबी की चल रही छापामारी में कर चोरी के साथ खेल के खुलासे होने लगे हैं। मीरगंज के बल्ली ग्राम के गौसियां में ईंट उद्योग की जांच में 40 लाख रुपये कर चोरी मिली है। फुंकाई, पथाई और स्टॉक रजिस्टर मौके पर न मिलने पर 12 लाख की ईंट, 42 टन कोयला जब्त कर लिया है। कारोबारी को सभी दस्तावेज के साथ तलब किया गया है। दस्तावेजों की जांच में और कर चोरी सामने आ सकती है।

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अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश कुमार मिश्र के मुताबिक सात मार्च को टीम जांच के लिए मीरगंज गौसियां ईंट भट्ठे पर पहुंची थी। जांच के समय भट्ठे में फुंकाई चल रही थी। बिक्री, पथाई, फुंकाई, स्टॉक रजिस्टर जांच के समय उपलब्ध नहीं हुए। व्यापार स्थल से केवल दिहाड़ी रजिस्टर मिला। पकी और कच्ची ईंट का सत्यापन बुक ऑफ अकाउंटस से नहीं मिला। 12 लाख (कच्ची व पकी ईंट), 42 टन कोयला, पांच टन लकड़ी का बुरादा जब्त किया गया। आकलन पर करीब 40 लाख कर चोरी मिली। कोयला कहां से आ रहा है, इसकी जांच टीम कर रही है।

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बताया गया कि बदायूं के बाद अब मीरगंज में ईंट-भट्ठे पर लाखों की कर चोरी मिली है। फिर भी तमाम भट्ठा संचालक उत्पादन के अनुरूप कर देयता नहीं स्वीकार रहे। चिन्हित ईंट भट्ठा व्यापारियों की विभागीय जांच एसआईबी टीम बनाकर जांच कराई जा रही है। भट्ठा व्यापारियों को हिदायत दी है कि मानक के अनुसार कर देयता स्वीकार करते हुए समय से जीएसटी की धनराशि जो जमा करेंगे उनकी जांच नहीं होगी। अन्यथा की दशा में अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।

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कोयला के बजाय मैली, गुल्ला जलाकर पका रहे ईंट
जांच में पता चला है कि भट्ठा मालिक विभाग की ओर से कोयले की खपत के आधार पर मानक के अनुरूप प्रति 18 मीट्रिक टन कोयला प्रयोग के सापेक्ष सामान्य भट्ठे में न्यूनतम एक लाख ईंटों का उत्पादन का आकलन होता है। जबकि जिगजैग भट्ठे में 12 मीट्रिक टन कोयला प्रयोग के आधार पर एक लाख ईंट का उत्पादन होता है। 

इससे बचने के लिए कई कारोबारी कोयले के स्थान पर 90 फीसदी वैकल्पिक ईंधन जैसे कोयले की धूल, गुल्ला, मैली अन्य का प्रयोग कर रहे हैं। इसका प्लांट भी भट्ठा परिसर में लगा लिया है। ताकि उत्पादन का आकलन न हो सके। चेताया कि भट्ठा मालिक भले ही गुमराह करें, लेकिन स्थलीय जांच में ईंट उत्पादन का आकलन करने में तीन सक्षम है। जो कर चोरी कर रहे हैं वे बचेंगे नहीं।
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