मौलाना ने पत्र में आगे स्पष्ट करते हुए कहा है कि आजम खां परिवारवाद की बात करते हैं। वो मुस्लिम कौम की बात नही करते हैं, जिसकी वजह से मुसलमानों पर उनका प्रभाव खत्म हो चुका है। उन्होंने राजभर को सलाह दी है कि जितनी जल्दी हो सके सपा के खिलाफ आंदोलन चलाने का एलान करें। सपा अब डूबता हुआ जहाज है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि अखिलेश यादव की मुस्लिम मसाइल पर खामोशी के चलते 50 फीसद मुसलमानों ने सपा से दूरी बना ली है, और बाकी 50 फीसद मुसलमान आने वाले लोकसभा चुनाव तक अलग हो जाएंगे।
उन्होंने पत्र में यह भी कहा है की शिवपाल यादव, मौलाना तौकीर रजा खां और दूसरे नेतागण मिलकर एक मोर्चा बनाएं और सपा के खिलाफ मुहिम चलाएं। मुसलमानों के मसाइल भी उठाएं, मुसलमान आपके साथ खड़ा नजर आएगा। तंजीम उलमा इस्लाम आपका खुलकर समर्थन करेगी।