ओपीडी में आंख, त्वचा, बुखार, वायरल से पीड़ित मरीजों की बढ़ी तादाद
बरेली। बारिश ने तपती गर्मी से राहत तो दिलाई है मगर बदला मौसम का मिजाज सेहत पर भारी पड़ने लगा है। ओपीडी में वायरल बीमारियों से ग्रसित मरीजों की बढ़ती तादाद इसकी पुष्टि कर रही है। बच्चों समेत बुजुर्गों में डायरिया का प्रकोप बढ़ा है। चिकित्सकों ने बारिश के दौरान खानपान समेत साफ-सफाई को लेकर बेहद सतर्क रहने का सुझाव दिया है। संक्रमण के लक्षण होने पर कोरोना की जांच कराने को कहा है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कमरे के बाहर दोपहर तक भीड़ लगी रही। काउंटर पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक आमतौर पर चार से छह सौ पर्चे ही बन रहे थे मगर पिछले करीब हफ्ते भर से तादाद बढ़ गई है। फिजिशियन, आंख रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए ही मंगलवार को बने 983 पर्चों में तीन सौ नए पर्चे शामिल रहे। वहीं, पुराने मरीज भी परामर्श के लिए पहुंचे थे। उधर, मेडिसिन ओपीडी के बाहर लंबी कतार लग रही हैं। बच्चा वार्ड के भी आधे से ज्यादा बेड भरे रहे। मौसम में बदलाव होने से ज्यादातर बच्चे निमोनिया, डायरिया, तेज बुखार से ग्रसित हैं।
बारिश के बाद बढ़ता है बैक्टीरिया
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र ने बताया कि बारिश और मौसम में बदलाव के कारण तापमान के बीच अंतर कम होता है। नमी बढ़ती है, जो बैक्टीरिया को सक्रिय करती है। दूषित जल के सेवन से पेट संबंधित बीमारियां होने लगती हैं। इसके अलावा तमाम कीटाणु, मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक रोग बढ़ने का खतरा रहता है। परिवार में अगर कोई वायरल से पीड़ित है तो वह बच्चों से दूर रहे।
कोरोना की जांच जरूर कराएं
कोविड चिकित्सालय के सीएमएस रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वागीश वैश के मुताबिक वायरल बीमारियों के लक्षण और कोरोना के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं। ऐसे में अगर कोरोना संक्रमण हुआ तो यह घातक हो सकता है। साथ ही, दूसरे लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने वायरल के लक्षण होने पर भी लोगों से कोरोना की जांच कराने को कहा है। ताकि संक्रमण की रोकथाम की जा सके।
ऐसे बचे वायरल बीमारियों से
- सब्जी, फल बगैर धोएं न खाएं।
- बासी खाना, पहले से कटे फल न खाएं।
- तली-भुनी, बाहर की चीज खाने से परहेज करें।
- अस्थमा और हार्ट के रोगी बारिश में भीगने से बचें।
- बारिश में भीगने पर बालों को सुखाएं। सूखे कपड़े पहनें।
- घर, छत और आसपास बारिश के पानी का जमा न होने दें।
- बगैर चिकित्सक के परामर्श के दवाओं का सेवन करने से बचें।