भमोरा/ बरेली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भमोरा के अधीक्षक डॉ. गौरव शर्मा की कार्रवाई से परेशान फार्मासिस्ट खुशहाल सिंह ने शनिवार को अस्पताल में ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह की कोशिश की। अस्पताल स्टाफ ने किसी तरह खुशहाल को वार्ड में बंद कर और उसके ऊपर पानी डालकर आग लगाने से रोका। पुलिस ने फार्मासिस्ट के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया है।
भमोरा सीएचसी पर तीन साल से तैनात फार्मासिस्ट की प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. गौरव शर्मा से नहीं पट रही है। चार महीना पहले डॉ. शर्मा ने कई आरोपों पर फार्मासस्ट का स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब न देने पर प्रभारी ने उसका एक महीने का वेतन रोक दिया। इससे दोनों के बीच तल्खी और ज्यादा बढ़ गई। डॉ. का आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर भरवाने से लेकर एक माह तक दवाआें की कोई एंट्री खुशहाल सिंह ने नहीं की। विभाग द्वारा लगाए गए कैंप में भी उसने चिकित्सकों के साथ शराब पीकर अभद्रता की थी। इन सभी मामलाें पर उससे जवाब मांगा गया था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे डॉ. शर्मा के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें उनका मर्डर करने की धमकी दी गई थी। डॉ. का कहना था कि यह मैसेज फार्मासिस्ट ने ही भेजा है, जबकि फार्मासिस्ट इससे इनकार कर रहा था। सुबह डॉक्टर ने इस फार्मासिस्ट से इस बाबत जवाब मांगा और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। इस पर फार्मासिस्ट ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। वह आग लगा पाता, उससे पहले ही स्टाफ ने उसके ऊपर पानी फेंकना शुरू कर दिया और फिर वार्ड में बंद कर दिया।
मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ, एफआईआर कराई
मामले की जानकारी डॉ. गौरव ने सीएमओ और एडीएम को दी। सूचना पाकर डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला अस्पताल पहुंचे। उनके निर्देश पर डॉ. गौरव ने खुशहाल सिंह के खिलाफ हत्या की धमकी का मैसेज भेजने और पेट्रोल छिड़कर आत्महत्या की कोशिश करने की एफआईआर दर्ज कराई है।