सीएमओ ने एपिडेमियोलॉजिस्ट से किया जवाब तलब, कार्रवाई की चेतावनी
बरेली। डेंगू मरीजों की लगातार निगरानी का दावा कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास मरीजों के घर का पता तक नहीं है। बिना मरीज से मिले किस तरह निगरानी हो रही है, ये तो स्वास्थ्य विभाग ही जाने मगर हालात बता रहे हैं कि कोरोनाकाल में बरती गई लापरवाहियां डेंगू के मौसम में भी जारी हैं। लगातार शिकायतें मिलने के बाद बृहस्पतिवार को सीएमओ ने एपिडेमियोलॉजिस्ट से जवाब तलब किया है।
पिछले दिनों भोजीपुरा के खंजनपुर ग्राम में एक नाबालिग बच्चे की मौत की जानकारी पोर्टल पर छह दिन दर्ज किए जाने से नाराज सीएमओ ने जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट से जवाब मांगा था। उन्होंने सभी सक्रिय मरीजों की मुस्तैद निगरानी और स्थलीय सर्वे किए जाने का दावा किया था। मरीजों का डाटा डीबीसी टीम को जांच के लिए दिया गया था। जब टीमों ने डाटा के अनुसार मरीजों से संपर्क किया तो कइयों के मोबाइल नंबर गलत मिले। कई ऐसे थे जिनके घर का पता सही नहीं था। लिहाजा, वह जांच करने दूसरी जगह पहुंच गए।
मरीज से संबंधित गलत इनपुट दर्ज किए जाने की जानकारी टीम ने उच्चाधिकारी को दी। मामला सीएमओ तक पहुंचा तो उन्होंने अब फिर एपिडेमियोलॉजिस्ट से जवाब तलब किया है। साथ ही, संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बताया जाता है कि रिपोर्ट भी कार्यालय में बैठकर जल्दबाजी में तैयार की गई। मौके पर सर्वे होता तो पता, मोबाइल नंबर गलत दर्ज न होता।
दवा सेवन की जानकारी भी देगी टीमें
डोमेस्टिक ब्र्रीडर चेकर (डीबीसी) टीम के सदस्यों को घर-घर पहुंचकर लार्वा की जांच कर उसे नष्ट करने के साथ ही बुखार के मरीजों को इलाज संबंधी भी जानकारी देनी होगी। उन्हें लक्षणों को पहचानकर उसके अनुसार जांच कराने और मरीज द्वारा सेवन की जा रही दवा के बारे में जानकारी देंगे। ताकि डेंगू के लक्षण होने पर अगर दर्द मिश्रित बुखार की दवा का सेवन कर रहा है तो सतर्क हो जाए, सही जांच और इलाज हो।
दो और मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को बुखार पीड़ितों की हुई जांच में दो और लोग डेंगू पीड़ित मिले हैं। इसमें से एक फरीदपुर और दूसरा शीशगढ़ का है। बताया कि अब दो मरीजों की मौत हो चुकी है। डेंगू के 38 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। डेंगू के मरीजों के इलाके में निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया के 14 केस मिले हैं।
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