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सर्विलांस रिपोर्ट: क्वारंटीन नर्स के संपर्क में आए 22 लोग

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corona in world - फोटो : पीटीआई
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हॉस्टल में 23 मई से क्वारंटीन थी नर्स, मानकों का नहीं किया अनुपालन
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अस्पताल प्रशासन ने कहा प्राइवेट वार्ड में क्वारंटीन थी नर्स, किसी के संपर्क में नहीं आई

बरेली। मेडिकल की बारीकियों को जानने वाले भी अगर क्वारंटीन पीरियड के दौरान लोगों के संपर्क में आ रहे हैं तो ग्रामीण इलाकों में क्वारंटीन किए गए हजारों प्रवासियों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, दो दिन पहले कोरोना संक्रमित मिली पीलीभीत बाईपास स्थित एक अस्पताल की नर्स क्वारंटीन होने के दौरान भी करीब 22 लोगों के संपर्क में आ गई। सर्विलांस टीम इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नर्स हॉस्टल में नहीं बल्कि अस्पताल के ही एक प्राइवेट वार्ड नंबर सात में क्वारंटीन थी। बताया कि अस्पताल की ओर से शेड्यूल तय किया गया है। जिसमें सभी को 14 दिन की अवधि पूरी करने के बाद क्वारंटीन किया जाता है। ऐसे में नर्स के किसी के भी संपर्क में आने का सवाल ही नहीं उठ रहा। आशंका जताई कि सर्विलांस टीम ने हॉस्टल में रहने वालों लोगों को ही संपर्क में आने वालों की सूची में दर्ज कर लिया होगा।

कार से आइसोलेट होने पहुंचे थे संक्रमित डॉक्टर

आमतौर पर किसी व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होने पर उसे सरकारी एंबुलेंस से आइसोलेशन अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। मगर रामपुर गार्डन के संक्रमित मिले डॉक्टर को आइसोलेट करने में स्वास्थ्य विभाग की चूक सामने आई है। दरअसल, संक्रमित डॉक्टर के लिए सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए निजी कार से ही लेवल-2 के मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट होने की अनुमति दे दी गई। आईएमए सचिव डॉ. राजीव गोयल का कहना है कि एंबुलेंस से किसी संक्रमित मरीज को ले जाने का उद्देश्य है कि वह किसी के संपर्क में न आ सके और जिस वाहन से वह अस्पताल पहुंचे वह सैनिटाइज हो। संक्रमित डॉक्टर संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अकेले कार ड्राइव कर मेडिकल कॉलेज गए थे। वहां पहुंचने के बाद कार को सैनिटाइज भी कराया गया। दूसरी ओर, जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।

संक्रमण की चेन नहीं खोज पा रही सर्विलांस टीम

निजी अस्पताल की संक्रमित नर्स में संक्रमण कहां और कैसे हुआ इस बाबत खोजबीन कर रही सर्विलांस टीम के हाथ अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। सर्विलांस टीम का भी मानना है कि नर्स में संक्रमण अस्पताल के अलावा कहीं और किसी संक्रमित के संपर्क में आने से हुआ होगा। बता दें कि इससे पहले हजियापुर, ब्रह्मपुरा और साहूकारा के चार संक्रमितों में भी संक्रमण कहां से हुआ इस बाबत भी सर्विलांस टीम के पास कोई जवाब नहीं है।

संक्रमित प्रसूूता की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव

जिला महिला अस्पताल में संक्रमित मिली प्रसूता की दूसरी जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि बुधवार की रात को आईवीआरआई से मिली 47 सैंपल में से 46 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि दिल्ली से गोंडा अपने घर जा रही प्रसूता की रिपोर्ट एक बार फिर पॉजिटिव आई है। प्रसूता लेवल-2 मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट है। सेहत भी स्थिर है।

144 संदिग्ध संक्रमितों के लिए गए सैंपल

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को तीन सौ बेड के अस्पताल में दो टीम ने 203 संदिग्ध रोगियों की स्क्रीनिंग की। इसमें 66 लोगों के सैंपल लिए गए। दूसरी ओर, एमएमयू की टीम ने प्रभारी अभिषेक त्यागी के निर्देशन में हरुनगला शेल्टर होम से नौ, फरीदपुर जयनारायण कॉलेज क्वारंटीन सेंटर से 49, स्वामी दयानंद कॉलेज मीरगंज से आठ और महिला अस्पताल से दो संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल लिए हैं।
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एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि संवेदनशील राज्यों या जिलों से आ रहे प्रवासियों के सैंपल अब प्राथमिकता के आधार पर लिए जाएंगे। इसमें भी उन लोगों की सैंपलिंग पर ज्यादा जोर रहेगा जो या तो संक्रमित के संपर्क में आए हैं या उनमें संक्रमण के लक्षण दिखाई दे रहे होंगे। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्णय लिया गया है कि अब संक्रमितों के संपर्क में आने वालों के सैंपल पांच या छह दिन बाद लिए जाएंगे।

सैंपलिंग कराने के बजाय गायब हुए 12 पुलिसकर्मी

300 बेड अस्पताल मेें कोरोना जांच के लिए सैंपल देने पहुंचेे 23 पुलिसकर्मियों में से 12 बिना सैंपल दिए ही चले गए। जिसकी वजह से महज 11 लोगों का ही सैंपल लिया जा सका। इसकी सूचना जब पुलिस लाइन को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई तो 12 पुलिसकर्मियों को बीते मंगलवार को दोबारा भेजा गया। तब जाकर उनका सैंपल लिया जा सका। सभी सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। दरअसल, शासन के निर्देशानुसार गैर जनपद से आ रहे पुलिसकर्मियों की आमद से पहले उनकी स्क्रीनिंग और सैंपल की जांच कराना जरूरी है।
कारपोरेट लैब की जांच में पॉजिटिव मिली महिला सरकारी जांच में निगेटिव

सिविल लाइंस स्थित एक में भर्ती बदायूं की महिला कारपोरेट लैब की जांच में मिली भी पॉजिटिव

बरेली। एक बार फिर कारपोरेट लैब की जांच में कोरोना संक्रमित मिली महिला सरकारी जांच रिपोर्ट में निगेटिव आने पर सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने महिला की जांच रिपोर्ट की जानकारी बदायूं के सीएमओ को दे दी है। उन्होंने बताया कि महिला बदायूं के ही मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट है।
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बीते दिनों बदायूं की एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला सिविल लाइंस स्थित एक अस्पताल में किडनी के इलाज के लिए भर्ती हुई थी। जिसका सैंपल लेकर जांच के लिए कारपोरेट लैब भेजा गया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संक्रमित महिला को बदायूं स्वास्थ्य विभाग को आइसोलेट किए जाने के लिए सौंप दिया गया था। साथ ही, अस्पताल की आईसीयू के तीन डॉक्टर, तीन पैरामेडिकल स्टाफ और दो अन्य समेत आठ को क्वारंटीन कराया गया है। ऐसे में अब क्रॉस चेकिंग में आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट निगेटिव होने पर कारपोरेट लैब की जांच पर सवाल उठे हैं। इसके साथ ही महिला के इलाज के दौरान मौजूद रहे उसके बेटे की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। बता दें कि इससे पहले पीलीभीत के एक युवक, फरीदपुर की महिला और सीबी गंज के एक युवक की कारपोरेट लैब की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव और सरकारी जांच में निगेटिव रिपोर्ट आ चुकी है। जिसकी वजह से संबंधित लैब को कोरोना सैंपल की जांच करने पर डीजी हेल्थ ने प्रतिबंध लगा दिया है।
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