बरेली। बरेली जोन में सबसे ज्यादा दो लाख के इनामी सुमित चौधरी को एसटीएफ ने बृहस्पतिवार सुबह विलयधाम के पास से गिरफ्तार कर लिया। मुरादाबाद निवासी सुमित वर्ष 2015 में मुरादाबाद कचहरी में ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा की हत्या का प्रमुख आरोपी है। वर्ष 2018 में सुमित बदायूं जेल से रस्सी के सहारे दीवार कूदकर भाग गया था। वह कभी नेपाल तो कभी देश के ही अन्य राज्यों में छिपकर रह रहा था। वह दोबारा नेपाल भागने की कोशिश में था कि एसटीएफ की पकड़ में आ गया। टीम उसे बदायूं के सिविल लाइंस थाने ले गई। फिलहाल, उसे बदायूं जेल की सघन सुरक्षा वाली बैरक में रखा गया है।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर ने बताया कि मुरादाबाद के थाना हजरतगढ़ी में मोहल्ला नवैनी गद्दी निवासी सुमित चौधरी बरेली जोन का सबसे पुराना व वांछित अपराधी है। वह 2015 में मुरादाबाद के डिलारी ब्लॉक प्रमुख रहे योगेंद्र उर्फ भूरा की कचहरी परिसर में हत्या का मुख्य आरोपी है। उसे घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। शुरू में वह मुरादाबाद जेल में बंद रहा। फिर उसे प्रशासनिक आधार पर बदायूं जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था।
जेल में सुमित और दूसरे बंदी गोरखपुर निवासी चंदन ने 12 मई 2018 को रस्से के सहारे दीवार फांदकर फरार होने की योजना बनाई। सुमित तो दीवार कूदकर भाग गया, लेकिन चंदन गिरकर घायल हो गया था। सुमित के फरार होने के चार महीने बाद एडीजी अपराध ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह पहचान छिपाकर दिल्ली, मेरठ, तमिलनाडु, असम और ओडिशा में रह रहा था। वह काफी समय तक नेपाल में भी रहा।