बरेली। बहेड़ी चीनी मिल ने दो वर्षों से किसानों को गन्ने की कीमत का भुगतान नहीं किया। इसके विरोध में इटौआ गांव के किसान सांसद आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। साथ ही, नजदीकी सेंटर मीरगंज से संबद्ध कराने की मांग की। सांसद छत्रपाल गंगवार ने किसानों से बात की। इसके बाद गन्ना विभाग और चीनी मिल के अधिकारियों को तलब किया। देर शाम सांसद की ओर से किसानों को लखनऊ ले जाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान धरने से उठ गए।
शनिवार को नैनीताल रोड स्थित सांसद आवास पर सुबह ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 150 किसान पहुंच गए। इसके बाद गद्दा डालकर आवास के बाहर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। कुछ देर किसानों ने सड़क पर यातायात भी रोक दिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल भी वहां पहुंच गया और सड़क से ट्रॉली को हटवाया। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से धरने से उठने की अपील की, लेकिन वे जिद पर अड़े रहे। सूचना मिलते ही सांसद किसानों से मिलने पहुंच गए।
किसानों की समस्या सुन सांसद ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को आवास पर तलब कर लिया। काफी देर तक सांसद और जिला गन्ना अधिकारी में बातचीत चलती रही। इसके बाद देर शाम किसानों को सांसद ने आश्वासन दिया कि वे स्वयं सभी किसानों को लेकर लखनऊ में उच्च अधिकारियों के पास जाएंगे। इस मौके पर रवींद्र सिंह, यशपाल सिंह, हरिपाल चौधरी, राजेश, सोनपाल, कृष्णपाल आदि किसान मौजूद रहे।
मासिक पंचायत में किसानों की समस्याओं पर की गई चर्चा
भारतीय किसान यूनियन टिकैत की मासिक पंचायत में खाद संकट, छुट्टा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान सहित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।