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अचानक बढ़ाए दो सवाल तो भड़के छात्र, केंद्रों पर हंगामा, परीक्षा नियंत्रक का घेराव

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ज्ञापन देते छात्र-छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बीएड और एमएड के परीक्षार्थी बोले, पहले तीन प्रश्न हल करने को कहा फिर अचानक कहा पांच का जवाब दो
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बरेली कॉलेज और महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय परीक्षा केंद्रों पर सामने आई दिक्कत

बरेली। बीएड और एमएड द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों ने शुक्रवार को शहर के दो परीक्षा केंद्रों पर जमकर हंगामा किया। परीक्षार्थियों का कहना था कि पेपर शुरू हुआ तो उन्हें तीन प्रश्न हल करने के लिए कहा गया था लेकिन बाद में जब काफी समय बीत गया तो जानकारी दी गई कि तीन नहीं बल्कि पांच प्रश्नों का उत्तर देना है। इस पर भड़के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। बरेेली कॉलेज और महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में बने परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दे रहे छात्रों ने इसका विरोध करते हुए लिखित आपत्ति भी दर्ज कराई है। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय केंद्र पर परीक्षा दे रहे छात्रों ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पहुंचकर परीक्षा नियंत्रक का घेराव और प्रदर्शन भी किया।
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शुक्रवार को खंडेलवाल कॉलेज आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलोजी के एमएड के करीब सौ छात्रों की परीक्षा के लिए महाराजा अग्रसेन कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। कोरोना की वजह से परीक्षा का समय तीन घंटे से कम कर दो घंटे कर दिया गया था। लेकिन विश्वविद्यालय पुराने प्रश्नपत्रों से ही परीक्षाएं करा रहा है। इस परीक्षा केंद्र के तमाम छात्र दोपहर में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में पहुंचे और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह का घेराव कर प्रदर्शन किया। छात्रों की शिकायत थी कि विश्वविद्यालय ने पहले केवल तीन प्रश्नों को हल करने के दिशा-निर्देश दिए थे लेकिन शुक्रवार को परीक्षा के दौरान जब करीब आधा वक्त गुजर गया तो उन्हें अचानक कक्ष निरीक्षकों की ओर से बताया गया कि तीन नहीं, बल्कि पांच प्रश्नों के उत्तर लिखने हैं। छात्रों का कहना था कि अचानक बताने पर इतने कम समय में सभी सवालों के जवाब देना संभव नहीं था। इसलिए उनके कई प्रश्न छूट गए हैं। छात्रनेता गजेंद्र कुर्मी ने भी परीक्षा नियंत्रक से मामले की जांच कराने की मांग की। इधर, बरेली कॉलेज मेें बनाए गए परीक्षा केंद्र में बीएड के छात्र परीक्षा दे रहे थे। इन छात्रों ने भी प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन से शिकायत की कि उन्हें पहले तीन प्रश्नों को हल करने के लिए कहा गया था लेकिन बाद में परीक्षा के दौरान जब काफी वक्त बीत गया तो दो टीचर उनके कक्ष में आकर बोले कि उन्हेें तीन की जगह पांच प्रश्नों के उत्तर देने हैं। इस पर छात्रों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि इतने कम समय में सभी प्रश्नों का उत्तर देना संभव नहीं है।

विश्वविद्यालय ने जो दिशा-निर्देेेश दिए हैं, उसकी के आधार पर प्रश्नपत्रों को हल किया जाना है। मेरी तरफ से परीक्षा के दिन कोई नए निर्देश नहीं जारी किए गए थे। -संजीव कुुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय

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