बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय व बरेली कॉलेज में कई उम्र दराज विद्यार्थी विधि की पढ़ाई पढ़ रहे हैं। ये विद्यार्थी अपने जीवन में अच्छे पदों पर निजी व सरकारी क्षेत्र के कर्मचारी व अधिकारी रहे हैं। जो सेवानिवृत्त के बाद अब एलएलबी व एलएलएम कर अपने कॅरिअर की दूसरी पारी शुरू कर रहे हैं। कइयों का कहना है कि उन्हें शुरू से ही कानून जानने की इच्छा नौकरी में आने से ही थी, लेकिन नौकरी पेशे के चलते जीवन में समय नहीं मिला। सेवानिवृत्ति के बाद सोचा क्यों न यह पढ़ाई कर दूसरी पारी शुरू की जाए। इसी उद्देश्य से सेना, बैंक, शिक्षा, होटल इंडस्ट्री, प्रशासनिक सेवाएं आदि में सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारी विधि के क्षेत्र में दूसरी पारी शुरू कर रहे हैं।
शुरू करनी है कॅरिअर की दूसरी पारी
बहेड़ी के रहने वाले रवेंद्र मान ने रुविवि से एलएलएम इसी वर्ष पास किया है। रवेंद्र सेना में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया शुरू से जीवन में विधि की शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे, लेकिन नौकरी में समय नहीं मिलने के चलते नहीं कर सके। जब उनकी पोस्टिंग बरेली हुई तो बरेली कॉलेज से पहले एलएलबी किया, फिर रुविवि से एलएलएम इसी वर्ष अप्रैल में पूरा किया। इस बार ऑल इंडिया बार परीक्षा पास कर चुके हैं। अब अपने दोस्त की फर्म में जीएसटी प्रैक्टिस करने की योजना है।
महानगर की रहने वाली अर्चना शुक्ला प्रयागराज से माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने इसी वर्ष एलएलबी का कोर्स पूरा कर एलएलएम में प्रवेश लिया है। अर्चना ने बताया जब शिक्षक से प्रधानाचार्य बनीं तो उन्हें लगा कि बच्चों को कानून की जानकारी होना आवश्यक है। सामान्य नागरिकों में कानून की समझ नहीं है, सभी को कानून की जानकारी होनी चाहिए। अब उम्र 63 वर्ष में एलएलएम पूरा होने के बाद पीएचडी करना है, जिसके दौरान ही ऑनलाइन विधि कार्य भी करूंगी।
-राजेंद्र नगर के रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर विलास बाबू की उम्र करीब 65 वर्ष है। उन्होंने इसी वर्ष एलएलबी में प्रवेश लिया है। विलास ने बताया अब तक नौकरी और परिवार में इतनी व्यस्तता थी कि कभी अपने शौक पूरे करने का समय नहीं मिला, लेकिन अब समय मिला है। आर्थिक स्थिति भी ठीक है इसलिए एलएलबी में प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू की। हमें कई बार कानून की जानकारी नहीं होने से नुकसान उठाना पड़ता है। अगर भविष्य में सेहत ने साथ दिया तो प्रैक्टिस भी करूंगा। संवाद