अमर उजाला की ओर से मेधावियों का किया गया सम्मान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बरेली। ‘अमर उजाला’ की ओर से मंगलवार को मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम का आयोजन आयुक्त सभागार में हुआ। कार्यक्रम में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अव्वल रहे छह छात्रों को सम्मानित किया गया। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीवन का यह कामयाबी की पहली सीढ़ी है। छात्र अपने जीवन का लक्ष्य तय करें और फिर मंजिल पाने के बाद ही अपने कदमों को रुकने दें। उन्होंने कहा कि उद्देश्य सिर्फ किसी परीक्षा को टॉप करना ही नहीं होना चाहिए बल्कि सफलता के साथ यह भी मन में रखें कि देश व समाज के लिए उनका क्या योगदान होना चाहिए। कमिश्नर ने मेधावियों से उनकी करियर संबंधी भविष्य की योजनाओं को जानकार उन्हें सफलता के लिए टिप्स भी दिए।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले जिले के छह मेधावियों को अमर उजाला की ओर से मंगलवार को आयुक्त सभागार में अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान से नवाजा गया। बतौर मुख्य अतिथि कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। कमिश्नर ने मेधावियों का मनोबल बढ़ाने के लिए अमर उजाला के प्रयास को सराहा। मेधावियों से उनके अंक पूछे और भविष्य में वह क्या हासिल करना चाहते हैं इसकी जानकारी ली। कमिश्नर के सवाल पर मेधावियों के जवाब अलग-अलग रहे। इस पर उन्होंने कहा कि छात्र मेहनत करने के साथ अपने अभिभावकों व गुरुजनों का सम्मान करें। सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में हासिल किए शानदार अंक भविष्य की योजनाओं के लिए ऊर्जा का संचार करेंगे लेकिन सर्वाधिक अंक हासिल करना आखिरी पड़ाव नहीं है। सटीक योजना के साथ सही दिशा में मेहनत करना बेहद जरूरी है।
नेतृत्व क्षमता के साथ देश और समाज के विकास में बनें सहयोगी
कमिश्नर ने छात्रों को परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने को सिर्फ शुरुआत बताया। कहा, अभी आगे और पड़ाव पार करने हैं। वह तभी सम्भव है जब अंक मार्कशीट तक ही रहें। अगर दिमाग पर हावी हो गए तो आगे की डगर असफलता की तरफ मुड़ सकती है। कहा, कई मेधावी यही भूल करते हैं इसलिए सजग रहकर सर्वोत्तम प्रयास करने का सुझाव दिया। सफलता मिलने पर देश और समाज के हित में काम करने का सुझाव भी मंडलायुक्त ने मेधावियों को दिया।
मेधावी जिनका हुआ सम्मान
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान कार्यक्रम में इंटरमीडिएट के जिला टॉपर क्रमश: अनुराग शंखधर, धीरेंद्र कुमार, सक्षम रस्तोगी और हाईस्कूल में क्रमश: मोहित गंगवार, सजल रस्तोगी, अभिषेक को सम्मान से नवाजा गया। क्रमवार छात्र परीक्षा में प्रथम, द्वितीय, तृतीय जिला टॉपर हैं। जिन्होंने अपने गुरुजन और माता पिता का मान बढ़ाया है।
अमर उजाला की ओर से सम्मानित होकर भविष्य में और बेहतर परिणाम देने का जोश जगा है। ऐसे आयोजन से बच्चों का हौंसला बढ़ता है और वह नई ऊर्जा का एहसास करते हैं। - अनुराग शंखधर, 91.2%
कमिश्नर सर से मिले सफलता के टिप्स को हमेशा याद रखूंगा और उन्हें साकार करने का पूरा प्रयास करूंगा। माता पिता की आकांक्षाओं पर खरा उतरने का भी पूरा प्रयास करूंगा। - धीरेंद्र कुमार, 91.0%
मेहनत करने के बाद अर्जित सफलता का सम्मान होता है तो मन में और बेहतर करने की इच्छा होती है। अमर उजाला ने गौरान्वित होने का मौका दिया है। जो हमेशा याद रहेगा- सक्षम रस्तोगी, 89.2%
टॉपर बनने के बाद समाज और देश के लिए जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इसकी जानकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ों के सुझाव से मिली है। अब लक्ष्य का निर्धारण कर सही दिशा में प्रयास करूंगा। - मोहित गंगवार, 92.5%
अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कमिश्नर सर से सम्मान हासिल कर बहुत अच्छा लगा। आगे और मेहनत करूंगा और जो वादे किये है उसे पूरा करने का प्रयास करूंगा।- सजल रस्तोगी, 92.0%
करियर बनाने में सफलता रोड़ा भी बन सकती है इसकी जानकारी नहीं थी। कार्यक्रम में अंक को दिमाग पर हावी नहीं होने देने का जो सबक मिला है। वह हमेशा याद रहेगा। - अभिषेक, 89.5%