डॉ. पवन बंसल के नेतृत्व में एमए समाजशास्त्र के विद्यार्थियों ने ‘बरेली कॉलेज में कक्षाओं में घटती छात्र संख्या की वजह’ जानने के लिए सर्वे किया। कुछ प्रश्नावली तैयार कर छात्र-छात्राओं से बातचीत भी की। विद्यार्थियों से कक्षाओं में न जाने की वजह भी पूछी गई। इस में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए। छात्र-छात्रओं ने बताया कि बरेली कॉलेज की कक्षाओं में साफ सफाई का नितांत अभाव है। विद्यार्थियों को सीट खुद साफ कर बैठनी पड़ती है। यहां ब्लैकबोर्ड भी स्तरीय नहीं हैं। उन पर लिखी बातें विद्यार्थियों को दिखाई ही नहीं देती हैं क्यों कि लंबे समय से उन्हें साफ नहीं किया गया है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि अन्य कॉलेजों में सफेद बोर्ड लगे हैं जिन पर मार्कर से लिखा जाता है। इनपर लिखी इबारत पढ़ने में सुविधाजनक होती हैं। सर्वे टीम ने बताया कि इस रिपोर्ट को बरेली कॉलेज के प्राचार्य को सौंपी जाएगी जिससे व्यवस्था सुधार के लिए कुछ ठोस प्रयास किये जा सकें और पठन-पाठन के माहौल को बनाने में मदद मिले।
सर्वे से प्राप्त नतीजे
0 कक्षाओं मेें पढ़ाई जाने वाली विषयवस्तु रोजगार परक नहीं है, इसीलिए तमाम छात्र-छात्राएं दाखिल ले लेते हैं और सिर्फ परीक्षाओं में शामिल होने आते हैं। इस बीच वह किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे रहते हैं।
0 कैंपस में आए दिन होने वाली मारपीट और छेड़खानी की घटनाएं माहौल को असुरक्षित बना रही हैं। तमाम छात्र-छात्राएं इसे लेकर सशंकित हैं।
0 कक्षाओं के चलने की सुनिश्चितता न होने के कारण भी विद्यार्थियों की संख्या कम रहती है।
0 तमाम विद्यार्थी सुदूर ग्रामीण इलाकों से हैं, जिससे वे प्रतिदिन कक्षाओं में नहीं आ पाते।
0 क्लासरूम की बदहाली बड़ी वजह है जिससे छात्र कक्षाओं में नहीं जाते।