दो माह में किस साल्ट की कितनी रही बिक्री
- एंटीबॉयोटिक की मांग 10 गुना बढ़ी, कारोबार करीब 40 करोड़।
- पैरासिटामॉल की बिक्री 10 गुना बढ़ी, कारोबार करीब 4.5 करोड़।
- प्लेटलेट्स के लिए कैरिका पपाया की मांग 20 गुना बढ़ी, कारोबार करीब एक करोड़।
- दर्द निवारक एसिक्लोफीनिक पैरासिटामॉल की मांग दो गुना बढ़ी, कारोबार एक करोड़।
- गैस के लिए रैबेप्राजोल, डॉमपेरिडोन की मांग पांच गुना बढ़ी, कारोबार दो करोड़।
- मल्टीविटामिन टैबलेट की मांग छह गुना बढ़ी, कारोबार 50 लाख।
नोट : अनुमानित आंकड़ा बरेली केमिस्ट एसोसिएशन के अनुसार।
एजिथ्रोमायसिन और एमॉक्सिसिलिन की मांग ज्यादा
बुखार पीड़ित मरीजों को डॉक्टरों ने एजिथ्रोमायसिन, सेफिक्सीन, एमॉक्सिसिलिन आदि एंटीबॉयोटिक दवाओं का सुझाव दिया। इसमें भी एजिथ्रोमायसिन की छह गुना, एमॉक्सिसिलिन की मांग पांच गुना रही। सेफिक्सीन कारोबार आम दिनों के सापेक्ष चार गुना तक बढ़ गया।
अब तक जिले में मिल चुके हैं 956 डेंगू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू के 956 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, 24,335 डेंगू संदिग्ध भी मिले हैं। 22 संदिग्ध मरीजों की मौत हुई है। शहर में डेंगू के करीब 400 और देहात में 500 मरीज मिले हैं। आंकड़ा अभी थमा नहीं है। बुधवार को भी डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं।
केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बताया कि रिकॉर्ड केस आने की वजह से लोगों में डेंगू की दहशत रही। जिन्हें भी संदिग्ध लक्षण नजर आए, उन्होंने पैरासिटामॉल के साथ एंटीबॉयोटिक ली। ज्यादातर पर्चों पर इनके साथ दर्द, गैस, मल्टीविटामिन की दवाएं भी लिखी गईं।
केमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राकेश नरूला ने कहा कि डेंगू के केस बढ़ने के बाद जिनकी भी प्लेटलेट्स कम हुईं, उन्होंने प्लेटलेट्स यूनिट के साथ ही दवाओं का भी सेवन किया। कइयों ने एहतियात में भी दवाएं खा लीं। कमजोरी, दर्द से निजात की दवाएं भी काफी बिकीं।