अगर राज्य विश्वविद्यालयों के सारे कुलपति की मुहिम रंग लाई तो दो सौ कालेजों पर एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हो सकेगी। इसके तहत रुहेलखंड में एक और विश्वविद्यालय खुल सकेगा। एमजेपी रुहेलखंड से वर्तमान में लगभग 450 कालेज संबद्ध हैं, जिन्हें संभाल पाना एक विश्वविद्यालय केे लिए मुश्किल है। प्रदेश के अन्य कई विश्वविद्यालयों में भी यही स्थिति है। इसके चलते अर्से से सारे कुलपति प्रत्येक राज्य विश्वविद्यालय से एक निर्धारित संख्या में ही कालेज संबद्ध कराने के पक्ष में रहे हैं। हाल में उन्होंने फिर इसकी मुहिम छेड़ी है। इसके लिए आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल की अध्यक्षता में कई कुलपति की एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी तय करेगी कि एक विश्वविद्यालय की क्षमता अधिकतम कितने कालेजों की हो सकती है और इस लिहाज से प्रदेश भर में कितने नए विश्वविद्यालय कहां-कहां खोले जाने चाहिए। इसका प्रस्ताव बनाकर कमेटी प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी सौंपेगी।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने बताया कि बहुत सारे कुलपति एक विश्वविद्यालय से अधिकतम दो सौ कालेज ही संबद्ध रखने के पक्षधर हैं। इस संख्या को फिलहाल आदर्श क्षमता के तौर पर माना जा रहा है लेकिन हर पहलू पर विचार करने के बाद ही एक संख्या निर्धारित की जा सकेगी। इसके लिए कुलपति की कमेटी की बैठक बरेली में कराने का निर्णय हुआ है। प्रो. मुशाहिद ने बताया कि विश्वविद्यालय पर ज्यादा कालेजों का लोड होने से परीक्षाएं सुचारु कराने के अलावा समय से रिजल्ट जारी करने और रिजल्ट की खामियां दूर करने की दिक्कतें रहती हैं।
तो मुरादाबाद में होगी स्थापना!
बरेली। प्रदेश के सारे राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने पहली बार कवायद शुरू की है इसलिए नए विश्वविद्यालय खोले जाने की उम्मीद बढ़ सकती है। इसकी कामयाबी के बाद रुहेलखंड को दूसरा राज्य विश्वविद्यालय मिलेगा, यह भी तय है लेकिन यह कहां खुलेगा, यह सवाल अहम है। मुरादाबाद में एक राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने की मांग अर्से से उठती रही है। चूंकि मुरादाबाद मंडल के भी सभी पांच जिले- बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा और रामपुर बरेली स्थित एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं इसलिए काफी दूरी होने से इन जिलों के लोग मुरादाबाद मंडल में ही अपने लिए अलग विश्वविद्यालय चाहते हैं। बिजनौर के लोग अपने जिले में इसकी मांग करते आ रहे हैं। कुलपति का कहना है कि इस निर्णय का अधिकार शासन को है कि वह विश्वविद्यालय की स्थापना कहां करता है।
एक विश्वविद्यालय में अधिकतम दो सौ कालेज जुड़ें, यही स्थिति आदर्श होगी। इसका प्रस्ताव तैयार करने के लिए प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के सारे कुलपति की एक कमेटी बनाई गई है, जो इस पर विचार करके निर्णय लेगी कि कितने नए विश्वविद्यालय खोले जाएं। कमेटी की बैठक बरेली में इसी महीने कराएंगे।
-प्रो. मुशाहिद हुसैन, कुलपति, एमजेपी रुहेलखंड विवि