बरेली। रोडवेज बसों की मरम्मत में खेल की जांच काफी धीमी गति से बढ़ रही है। घपलेबाजी को अधिकारियों ने अगस्त में ही पकड़ लिया था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर चिट्ठी-चिट्ठी खेलते रहे। अब जांच जीएम तकनीकी सत्यनारायण कर रहे हैं। दूसरी ओर बीच रास्ते में बसों में खराबी आने का सिलसिला जारी है।
रोडवेज के जिम्मेदार अधिकारी बसों की मरम्मत के लिए आउट सोर्सिंग फार्म को ठेका देने से लेकर फर्जी बिल पास करने तक दरियादिली दिखाते रहे। अब प्रयागराज महाकुंभ के लिए आवंटित 430 बसों की मरम्मत में भी खेल हो रहा है। एक सप्ताह में जो बसें ब्रेक डाउन हुई हैं उनमें सात बसों का आवंटन महाकुंभ के लिए किया गया है।
केस-1
चलते-चलते टूट गईं फैन बेल्ट
रहेलखंड डिपो की बस संख्या 1562 सोमवार को बरेली से आगरा जाते समय देवचरा के पास चार में से दो फैन बेल्ट टूटने के कारण खड़ी हो गई। चालक-परिचालक ने वर्कशॉप में सूचना दी। सवारियों को दूसरी बस में बैठाने के बाद बस को खिंचवाकर फिर से वर्कशॉप पहुंचाया गया। यह बस मरम्मत के बाद रविवार को ही वर्कशॉप से निकली थी।
केस-2
टनकपुर में खुलकर गिरा पिछली कमानी का ब्रेकेट
बरेली डिपो की बस संख्या 1992 की कमानी एक सप्ताह पहले ही बनी थी। टनकपुर से लौटते समय कुछ मीटर चलने के बाद ही पिछली कमानी का ब्रेकेट खुलकर गिर गया। चालक-परिचालक ने बस से सवारियों को उतार दिया। बस को वहीं खड़ा करके उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।
केस-3
लखनऊ में खराब हुआ पिछले पहिये का एक्सल
बरेली डिपो की बस संख्या 0905 बीएस-4 मॉडल की बस है। लखनऊ से लौटते समय बस के पिछले पहिये के हब का एक्सल खराब हो गया। एक दिन बस लखनऊ में खड़ी रही। एक महीने के दौरान इस बस में मरम्मत के कई काम कराए गए थे। इसके बाद भी पिछले पहिये का हब और एक्सल खराब हो गया।
संवाद