ऐसे होगी ट्रेनों की रफ्तार तेज
हर डेढ़ किलोमीटर पर सिग्नल लगाए जाएंगे। इससे एक ट्रेन के गुजरने के बाद पीछे आ रही दूसरी ट्रेन को सिग्नल मिलने में देरी नहीं होगी। इस कवायद के जरिये रेलखंड पर ट्रेनों की औसत गति 130-140 किमी प्रतिघंटे करने की तैयारी है।
ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगने के बाद दिल्ली से लखनऊ की यात्रा में एक घंटे समय की बचत होगी। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा, संरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करने के साथ आधुनिकीकरण पर काम किया जा रहा है। ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम से ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा का समय कम होगा।