बरेली। जंक्शन से मंगलवार की रात कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरीं। इन ट्रेनों से उतरे 2643 श्रमिकों का मेडिकल चेकअप कर उन्हें उनके घरों को बसों से रवाना किया गया। दोपहर में सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से कोई भी यात्री नहीं उतरा। रात भर चेकिंग स्टाफ, जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद रही।
बरेली जंक्शन पर मंगलवार रात साढ़े बारह बजे गुरदासपुर से बरेली आई स्पेशल ट्रेन से 441 श्रमिक उतरे। इनके लिए बसें तैयार थीं। इसके बाद बुधवार सुबह चार बजे जयपुर से बरेली के लिए एक और स्पेशल ट्रेन जंक्शन पहुंची, जिसमें 1534 श्रमिक थे। इसके एक घंटे बाद सुबह पांच बजे आनंद विहार से देवरिया को जाने वाली स्पेशल ट्रेन जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन से केवल 22 यात्री ही उतरे। सुबह साढ़े नौ बजे उदयपुर सिटी से बस्ती के लिए एक स्पेशल ट्रेन आई, जिसमें 646 श्रमिक और उनके परिवार थे। सभी श्रमिकों को खाना और पानी देकर बसों से घरों को रवाना किया गया।
दोपहर डेढ़ बजे सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली स्पेशल ट्रेन भी जंक्शन पर रुकी। जंक्शन पर उनको घरों में भेजने के लिए रेलवे और प्रशासन के अधिकारी तैयार थे, लेकिन कोई भी श्रमिक नहीं उतरा। पांच मिनट रुकने के बाद ट्रेन लखनऊ रवाना हो गई। जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह, सीएमआई संजीव दुबे, टीटीई राजेश कुमार, नरेश मौर्य, मनोज कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर विपिन सिसौदिया, जीआरपी इंस्पेक्टर कृष्ण अवतार, जिला अस्पतला की डॉ. आकांक्षा सिंह आदि ने श्रमिकों को घर पहुंचाने में सहयोग किया।
श्रमिक आ गए लेकिन बसें नहीं थी
सुबह साढ़े नौ बजे उदयपुर से बस्ती जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन रुकी। प्रशासन को इस ट्रेेन से आने वाले श्रमिकों की संख्या का अनुमान नहीं था, लिहाजा बसों का भी इंतजाम नहीं किया गया था। इस ट्रेन से करीब 646 श्रमिक उतरे। उस समय कम ही बसें थीं। सभी श्रमिक सरकुलेटिंग एरिया में धूप में बैठकर बस का इंतजार करने लगे। करीब एक घंटे बाद बसों का आना शुरू हुआ तो उसमें मजदूर बैठाकर घरों को रवाना किए गए।
इज्जतनगर रेल मंडल के स्टेशनों पर 19937 यात्री उतरे
बरेली। लॉकडाउन की अवधि में इज्जतनगर रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 19937 श्रमिक उतरे, जिन्हें उनके घरों तक पहुंचाया गया। इसमें कन्नौज स्टेशन पर 2727, फर्रुखाबाद स्टेशन पर 2496, कासगंज में 11142, काठगोदाम में 1028 और लालकुआं स्टेशन पर 2544 यात्री शामिल थे। डीआरएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी श्रमिकों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बसों में बैठाकर घरों को रवाना किया गया। संवाद