विवेचना में खुला नाम, विधायक पर बचाव करने का आरोप
पुलिस ने विवेचना शुरू की तो पता लगा कि राइस मिल के 30 प्रतिशत के साझीदार फरजाना और नसीम अख्तर हैं। नसीम अख्तर बरेली शहर की ग्रीन पार्क कॉलोनी के निवासी हैं और बरेली कॉलेज से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। धोखाधड़ी में शामिल होने के वित्तीय साक्ष्य मिलने के बाद विवेचक धर्मेंद्र सिंह ने दोनों के नाम केस में बढ़ा दिए हैं।
सीओ बहेड़ी अरुण कुमार ने बताया कि नसीम अख्तर और फरजाना पर संबंधित आरोप साबित हुए हैं। विवेचना में साक्ष्यों के आधार पर ही विवेचक ने इनके नाम बढ़ाए हैं। आगे भी विधि सम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।
विधायक बोले- प्रकरण से मेरा लेना-देना नहीं
सपा प्रदेश महासचिव व विधायक अताउर रहमान ने कहा कि इस प्रकरण से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। जिन शिकायतकर्ता और आरोपी बताए जा रहे मेरे रिश्तेदार का जिक्र हो रहा है वह खुद आपस में सगे चाचा भतीजे हैं। यह उन लोगों का व्यक्तिगत विवाद है जिसमें मेरा कोई जुड़ाव नहीं है।