सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बरेली आने का कार्यक्रम तय हो गया है। नए रुटीन के तहत अखिलेश 13 सितंबर को फरीदपुर में डॉ सियाराम सागर के आवास से होते हुए रामपुर जाएंगे। 13 तारीख को वो रामपुर में ही रुकेंगे। अगले दिन कार्यकम पूरा करके वो बरेली सर्किट हाउस में रुकेंगे और फिर वापसी करेंगे।
मालूम हो कि अखिलेश यादव सोमवार को ही बरेली आने वाले थे, लेकिन बाद में योजना में बदलाव कर कार्यकर्म को टाल दिया गया। सपा नेता आजम खान के ऊपर मुकदमों की बौछार होने के बाद अखिलेश यादव ने 9 सितंबर को रामपुर आने का एलान किया था। उनकी योजना नौ सितंबर को रामपुर में रुकने के बाद 10 को कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करने की थी।
उन्होंने सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान खुद ही यह जानकारी दी थी कि मोहर्रम और गणेश चतुर्दशी के मद्देनजर कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने एक तरफ आजम खान का बचाव किया था और वहीं जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की जानकारी देने के बावजूद प्रशासन की ओर से कहा गया था कि 10 सितंबर को मोहर्रम है। ऐसे में अगर मोहर्रम वाले दिन वे बैठक करते हैं तो पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने में परेशानी आएगी।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा कि जिला प्रशासन ने जो-जो जानकारी मांगी थी उपलब्ध करा दी गई थी। मिनट टू मिनट कार्यक्रम भी भेज दिया गया था। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के बदले एक होटल में मीटिंग करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में कार्य कर रहा है। राजनीतिक दबाव में आजम खां के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन दबाव में लेकर झूठी शिकायतें करा कर मुकदमे दर्ज कर रहा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कहा जा रहा है कि हम दंगा कराने रामपुर जा रहे हैं। ऐसा माहौल बनाने में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के हाथ अंदरखाने से मिले हुए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी पर भी निशाना साधा। कहा कि जिलाधिकारी यूपी कैडर के अधिकारी नहीं है। वह यहां प्रतिनियुक्ति पर आए हुए हैं। उन्हें यूपी में रुके रहने का एक्सटेंशन चाहिए, इसलिए सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं।