उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक हजार उपभोक्ताओं को अगस्त में राशन कार्ड धारकों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी खबर है कि राशन कार्ड से लगातार तीन महीने तक राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं के कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। उनके स्थान पर नए राशन कार्ड धारकों के नाम जोड़े जाएंगे।
जिले में कुल 888 राशन की दुकानें हैं। इन दुकानों से करीब पौने चार लाख परिवारों को सस्ते दामों पर राशन मुहैया कराया जाता है। राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक माह पांच किलो राशन प्रति सदस्य के हिसाब से मिलता है। राशन में दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं शामिल है।
जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि जब कोई कार्डधारक तीन माहीने तक लगातार राशन नहीं लेता है, तो यह मान लिया जाता है कि उसे सस्ते राशन की जरूरत नहीं है या वह जिला छोड़कर चला गया है। इसी आधार पर उसे अपात्र मान कर उनका नाम सूची से हटा दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि अगस्त में ऐसे राशन कार्ड धारकों की सूची में करीब एक हजार लोग थे। इनका नाम सूची से हटाकर उनके स्थान पर नए राशन कार्ड धारकों को जोड़ा जाएगा।