बरेली में एक शख्स ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी बेटे को बचाने के लिए स्कूल से फर्जी प्रमाणपत्र बनवा लिया। जिसमें आरोपी को नाबालिग दर्शाया गया। किशोर न्यायालय से उसे इस आधार पर लाभ भी मिल गया। मामले का खुलासा होने पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बरेली में एक शख्स ने अपने बेटे को नाबालिग साबित करने के लिए स्कूल प्रबंधन से मिलकर उसका फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) और दूसरा आधार कार्ड बनवा लिया। किशोर न्यायालय से उसे इस आधार पर लाभ भी मिल गया। फर्जीवाड़े के मामले में किशोरी के पिता ने रिपोर्ट लिखाई है। कोर्ट ने किशोर न्यायालय से पत्रावली तलब की है।
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एक ग्रामीण ने सीबीगंज थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी को बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को गांव निवासी इनायत हुसैन फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उनकी बेटी से दुष्कर्म किया। उन्होंने सीबीगंज थाने में रिपोर्ट कराई थी। आरोप लगाया कि इनायत के पिता साबिर हुसैन ने परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित भोले शंकर धर्मार्थ माता कमला देवी स्कूल की प्रधानाचार्य से सांठगांठ कर ली। बेटे इनायत हुसैन को उस विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ना दिखाकर उसकी जन्मतिथि आठ सितंबर वर्ष 2009 दर्शा दी और टीसी प्रमाणपत्र दाखिल कर दिया।
किशोरी के पिता ने कराई छानबीन
बताया कि जब किशोर न्यायालय में साबिर हुसैन के बयान दर्ज हुए तो उसने अपने बेटे को नाबालिग बताया। आरोपी को इसका लाभ मिल गया और उसकी जमानत हो गई। इसकी जानकारी जब किशोरी के पिता को हुई तो उन्होंने छानबीन की। तब पता चला कि आरोपी युवक इनायत हुसैन उस दौरान कक्षा दस में पढ़ाई कर रहा था, जब उसे कक्षा पांच में पढ़ना बताया गया था।
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किशोरी के पिता जब विद्यालय पहुंचे तो उन्हें एक शिक्षिका ने जानकारी दी कि इनायत हुसैन उनके यहां कक्षा आठ तक पढ़ा है। कक्षा आठ की टीसी में जन्मतिथि 23 फरवरी वर्ष 2005 है। धोखाधड़ी कर एक ही छात्र की विद्यालय ने दो अलग अलग जन्मतिथि जारी कर दीं। थाना प्रभारी प्रदीप चतुर्वेदी ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर सीबीगंज पुलिस ने साबिर हुसैन, इनायत हुसैन व भोले शंकर धर्मार्थ माता कमला देवी स्कूल की प्रधानाचार्य पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।