बरेली। स्मैक और अफीम की तस्करी कर अर्जित की गई भमोरा के तस्कर हरिप्रसाद और बेटे अवधेश की 4.62 करोड़ की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। इसमें छह प्लॉट, आठ खेत, दो मकान और गाड़ी शामिल है। तस्कर अवधेश, उसकी मां और पत्नी जेल में हैं।
पुलिस ने स्मैक तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। फतेहगंज पश्चिमी और पूर्वी के तस्करों को गिरफ्तार कर उनके मकानों, दुकानों आदि पर बुलडोजर चलाया जा चुका है। इसके अलावा करोड़ों की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इसी क्रम में पुलिस ने भमोरा के मिलक मझारा गांव निवासी स्मैक तस्कर अवधेश की मां पार्वती और पत्नी सोमवती को पिछले साल 27 अगस्त को गिरफ्तार किया था, जबकि अवधेश और उसका पिता हरिप्रसाद भाग गए थे। इसके बाद अवधेश को पुलिस ने पांच सितंबर को 950 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा। दोनों ही मुकदमों में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
छानबीन में पुलिस को पता चला कि हरिप्रसाद और उसका बेटा अवधेश काफी समय से स्मैक और अफीम की तस्करी कर रहे हैं। पुलिस ने इनकी संपत्ति की जानकारी की तो पता चला कि परिवार ने कुछ सालों में ही कई करोड़ की संपत्ति अर्जित कर ली है। अवधेश के पास एक बाइक, एक महिंद्रा टीयूवी गाड़ी और मीरगंज में एक प्लॉट है। इसकी कीमत 21.34 लाख रुपये है। उसकी पत्नी सोमवती के पास मीरगंज में एक खेत है. इसकी कीमत 42.16 लाख रुपये है। अवधेश के पिता हरिप्रसाद के भी मीरगंज में दो खेत और एक मकान है, इनकी कीमत 92.43 लाख रुपये है।
हरिप्रसाद की पत्नी पार्वती के नाम मीरगंज के ही मिलक मझारा गांव में दो प्लॉट और पांच खेत है। इनकी कीमत एक करोड़ 84 लाख, 44 हजार रुपये है। हरिप्रसाद की पुत्री प्रवेश कुमारी के नाम भमोरा में एक मकान और एक प्लॉट है। इसकी कीमत 37.92 लाख रुपये है। हरिप्रसाद के दूसरे बेटे सरबन के नाम भमोरा में 42.16 लाख रुपये का प्लॉट है। तीसरे बेटे रूपकिशोर के नाम भी भमोरा में एक प्लॉट है। इसकी कीमत 42.16 लाख रुपये है। पुलिस विभाग ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत इस सारी संपत्ति को फ्रीज कर दिया है।