बरेली। जन आरोग्य मेले में दवा का टोटा दूर नहीं हो पा रहा। रविवार को इलाज के लिए पहुंचे त्वचा संक्रमण (स्केबीज) के मरीज फिर फंगल क्रीम लेकर लौटे। चिकित्साधिकारियों के मुताबिक स्टोर से यूपीएचसी को संबंधित दवा की आपूर्ति नहीं हो रही है।
रविवार को जिले की सभी सीएचसी, यूपीएचसी, पीएचसी पर आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। यहां पहुंचने वाले मरीजों में से करीब आठ सौ त्वचा रोगों से पीड़ित रहे। सर्दियों की वजह से अब खाज के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। घेर जाफर खां के चिकित्साधिकारी डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि सर्दियों में त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। रूखी त्वचा में जलन और खुजली होने लगती है। त्वचा संक्रमण बढ़ने से खाज का रोग चपेट में ले लेता है।
कारगर इलाज जिस दवा से होता है, वह स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध नहीं। बताते हैं कि एनयूएचएम मेडिसिन लिस्ट में ही शामिल नहीं है। यही स्थिति स्वालेनगर, सुभाषनगर, बाकरगंज, हरुनगला, पुराना शहर, मिनी बाइपास, जोगी नवादा आदि यूपीएचसी की है। यहां भी दवा उपलब्ध नहीं।
आठ मरीजाें में मिला मोतियाबिंद, रेफर
मेले में पहुंचे 228 नेत्र रोगियों की जांच में 12 लोगों में मोतियाबिंद का पता चला। उन्हें सर्जरी के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। चार अन्य मरीजों को भी मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए रेफर किया गया। नोडल अधिकारी डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक स्केबीज के मरीजाें को जरूरी दवा उपलब्ध कराने के लिए उच्चाधिकारियों से कहा जाएगा। फिलहाल फंगल क्रीम दी जा रही है। अमर उजाला ब्यूराे