एसआईटी की जांच में आरोपों की पुष्टि
एसआईटी प्रभारी मानुष पारीक के मुताबिक छात्रों की शिकायत पर एसएसपी स्तर से उनके नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। टीम ने उन आठ विश्वविद्यालयों व संस्थाओं के मुख्यालय तक जाकर जांच की जिनके नाम की फर्जी डिग्री यहां कोर्स करने वाले छात्रों को थमाई गई थी।
वहां उन अंकपत्रों व डिग्री का सत्यापन नहीं हो सका। इन्हें पूरी तरह फर्जी माना गया। अभी तक की जांच में छात्रों के लगाए आरोपों की पुष्टि हुई है। साबित हुआ है कि जाफरी और उसके बेटे व पदाधिकारियों ने कूटरचित तरीके से अंकपत्र तैयार किए थे। करोड़ों रुपये का गबन और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।