उम्र कम होने से नहीं मिली उम्रकैद
घटना के दिन दोषी युवती नाबालिग थी। कानून के अनुसार, हत्या की साजिश के आरोप में 18 वर्ष से कम आयु के आरोपी को आजीवन कारावास या फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। इसी कारण अदालत ने युवती को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।
प्रभावी पैरवी से मिली सजा
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली के नेतृत्व में प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी और थाना के पैरोकार ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में नौ गवाह पेश किए थे।