शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का 11 पैकेज में निर्माण होगा। बरेली में कंसल्टेंट के साथ कई दौर की बैठक के बाद यह कार्ययोजना तय की गई है। तीन अलाइनमेंट पर शुरुआती सहमति बनी है।
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में प्रस्तावित 650 किमी लंबे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण 11 पैकेज में होगा। शाहजहांपुर में पुवायां को महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट न्यूनतम समय में पूरा हो सके, इसके लिए एक्सप्रेसवे की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दो हिस्सों में तैयार की जा रही है। यह एक्सप्रेसवे बरेली में नैनीताल रोड और पीलीभीत रोड से जुड़ेगा।
बरेली में कंसल्टेंट के साथ कई दौर की बैठक के बाद यह कार्ययोजना तय की गई है। मुख्यालय के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट प्रस्तावित किया गया है। तीन अलाइनमेंट पर शुरुआती सहमति बनी है।
विज्ञापन
तीनों की अलग-अलग डीपीआर तैयार कराई जा रही है। इन पर कितने पुल, ओवरब्रिज और फ्लाईओवर की जरूरत होगी, कंसल्टेंट फर्म ने इसका भी सर्वे शुरू कर दिया है। इनमें से एक को अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अलग-अलग जिलों में प्रशासन के माध्यम से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे का निर्माण दो हिस्सों में होगा। पहले हिस्से शामली से पुवायां की दूरी करीब 350 किमी होगी।
छह पैकेज में इसका निर्माण प्रस्तावित है। दूसरे भाग में पुवायां से गोरखपुर के बीच दूरी करीब 300 किमी होगी। पांच पैकेज में इसका निर्माण होगा। दोनों भाग के लिए अलग-अलग कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। एनएचएआई की योजना है कि गोरखपुर और शामली के साथ ही पुवायां से भी निर्माण एक साथ शुरू करा दिया जाए। तीन साल में निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
इन जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
शामली से पुवायां : शामली, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर।
पुवायां से गोरखपुर
शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बस्ती, गोरखपुर। इस हिस्से में नेपाल बॉर्डर के आसपास के इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसा होने से सीमांत जिलों के विकास का रास्ता खुलेगा।
छह लेन तक हो सकेगा चौड़ीकरण
अभी शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को चार लेन का बनाया जाएगा। भविष्य की जरूरत के मुताबिक इसे छह लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा। एनएचएआई इसी योजना के मुताबिक भू अधिग्रहण करेगा। सभी अंडरपास और फ्लाईओवर छह लेन के ही बनाए जाएंगे।
शामली से पुवायां के बीच अलाइनमेंट पर काम चल रहा है। बरेली को एक्सप्रेसवे का पूरा लाभ मिले, इसका ध्यान रखा जाएगा। शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी को भी इस एक्सप्रेसवे से काफी फायदा होगा। - सौरभ चौरसिया, परियोजना निदेशक, एनएचएआई