बरेली। खानकाह आलिया मोहम्मदिया कदीरिया फफीकिया में शाहजी मियां रफीकुल औलिया का सलाना उर्स उर्स कुल की रस्म के साथ मुकम्मल हो गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर अकीदत का इजहार किया।
हुसैन बाग स्थित खानकाह पर सुबह कुरान ख्वानी से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दोपहर में जलसे का आयोजन किया गया। इसमें पीलीभीत से खानकाह शाहजी मोहम्मद शेर मियां के सज्जादानशीन शाह मुन्ने मियां की मौजूदगी रही। इस मौके पर खानकाह वामीकिया निशातिया के सज्जादानशीन मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी ने खुसूसी खिताब में शाहजी मियां की जिंदगी पर रोशनी डाली। कुल शरीफ की महफिल में हाफिज सलीम, सैयद मोहम्मद वसी, मौलाना समी अख्तर रामपुरी, कारी गुलाम यासीन, नौशाद सीतापुरी, कैफ रफीकी ने कलाम पेश किए। पीलीभीत से आए मौलाना अतीक ने रफीकुल औलिया की शख्सियत पर रोशनी डालते हुए इस कलाम से अपनी बात को मुकम्मल किया कि- तेरे कदमों में मुकद्दर से जगह पाई है। तेरी निस्बत मुझे दरबार में ले आई है। कुल शरीफ की फातिहा के बाद सज्जादा मोहिब मियां ने खुसूसी दुआएं कीं। इस मौके पर नायब सज्जादा फय्यूख अहमद, शहजाद-ए-शाहजी हसीन अहमद व दूर दराज से आए उलेमा व आदि मौजूद रहे।