उचित दूरी के साथ शव यात्रा में शामिल लोग
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचना है तो लोगों से दूरी बनाए रखनी होगी और इसलिए लॉकडाउन का फैसला सरकार को लेना पड़ा। शाहजहांपुर में एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने का उदाहरण एक शव यात्रा के दौरान भी दिखाई दिया। शव यात्रा में जहां अपेक्षाकृत कम लोग शामिल हुए, वहीं शामिल होने वाले लोगों ने भी एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखी।
यह नसीहत उन लोगों के लिए हो सकती है, जो अब भी बेवजह और बहानेबाजी के साथ सड़कों पर घूमते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक बुजुर्ग का निधन हो गया। मौत की खबर सुनकर उन्हें देखने के लिए मोहल्ले के लोग पहुंचे।
इस दौरान सभी ने सतर्कता बरतते हुए एक खास दूरी के साथ ही वृद्ध के अंतिम दर्शन किए। उन्होंने बताया कि वे काफी सावधानी बरत रहे हैं क्योंकि संवेदना के साथ-साथ उन्हें कोरोना वायरस से खुद को और अन्य लोगों का भी बचाना है।
घर से दो किलोमीटर दूर गर्रा नदी के किनारे स्थित श्मशान घाट तक जाने के लिए जब शवयात्रा निकली तो उसमें भी गिनती के लोग शामिल हुए। शव यात्रा में शामिल लोग एक दूसरे से एक मीटर से अधिक की दूरी बनाकर चल रहे थे।
शव यात्रा में कंधा देने वाले और साथ में चलने वाले सभी लोगों ने मास्क लगाया था और मुंह पर गमछा बांधे हुए थे। बुजुर्ग को मुखाग्नि के दौरान भी लोग एक दूसरे से दूरी बनाए बैठे रहे। अंतिम संस्कार के बाद घर तक लौटने पर भी लोग एक दूसरे से एक मीटर से अधिक की दूरी बनाए नजर आए।