बरेली। बदायूं रोड स्थित ग्रेटर कैलाश कॉलोनी में मंगलवार को लावारिस कुत्तों ने जमकर उत्पात मचाया। हिंसक कुत्तों के झुंड ने एक ही दिन में पांच बच्चों और दो महिलाओं समेत सात लोगों को जख्मी कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ आक्रोश है।
यह घटना मंगलवार की है जब कॉलोनी के लावारिस कुत्ते अचानक हिंसक हो गए। उन्होंने झुंड बनाकर मुख्य रास्तों पर आतंक फैलाना शुरू कर दिया। सबसे पहले नगीना पर हमला हुआ, जब वह बाजार जा रही थीं। कुत्ते ने पीछे से हमला किया, जिससे वह सड़क पर गिर गईं। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाया। इसके बाद स्कूल जा रहे सार्थक भारद्वाज के पैर में काट लिया। आयुष यादव कुत्तों को देखकर भागा, लेकिन गिर गया और उसका हाथ टूट गया। कविता के पैर में भी कुत्तों ने काटा। आराध्य, महादेव और एक घरेलू सहायिका भी इन हमलों में गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सभी को अस्पताल ले जाकर एंटी-रेबीज टीकाकरण और प्राथमिक उपचार दिया गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला पर कुत्ते को झपटते हुए साफ देखा जा सकता है। शहरवासियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है कि वह किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम से शिकायत की थी। लेकिन उनकी शिकायतों को हर बार अनसुना कर दिया गया। नगर निगम की लचर कार्यशैली का खामियाजा अब मासूम बच्चों और महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद पूरी कॉलोनी में खौफ का माहौल है। अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजना पूरी तरह बंद कर दिया है। लोगों की मांग है कि नगर निगम तुरंत अभियान चलाकर इन आक्रामक कुत्तों को पकड़े। वे कॉलोनीवासियों के लिए सुरक्षित माहौल चाहते हैं।
- कुत्तों को पकड़ने के लिए जल्द ही एजेंसी का चयन किया जाएगा। जहां पर कुत्तों का आतंक ज्यादा है वहां से उन्हें पकड़वाया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त