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Bareilly News: सात दिन का अभियान पूरा, सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशु

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बरेली। शासन के आदेश पर नगर निगम ने जिले के मार्गों को छुट्टा पशुओं से मुक्त करने के लिए 7 से 14 दिसंबर तक अभियान चलाया। अभियान के आखिरी दिन शनिवार को शहर से लेकर गांव तक प्रमुख मार्गों का जायजा लिया गया तो सड़कों पर छुट्टा पशु घूमते नजर आए। वाहन वाले उनसे बच-बचाकर निकल रहे थे। कई बार पशु से बचने के चक्कर में टक्कर होते होते बची। हालात ऐसे हैं कि अगर आप खुद सतर्कता नहीं दिखाते तो हादसे का शिकार हो सकते।
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मुख्य रूप से शहर में डेयरी वाले छुट्टा पशु समस्या हैं। डेयरी संचालक दूध निकालने के बाद पशुओं को छोड़ देते हैं। कोई ऐसी सड़क नहीं है जहां छुट्टा पशु नजर न आएं। बरेली क्लब के मैदान में उस समय छुट्टा पशु घुस गए थे जब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सामूहिक विवाह का आयोजन चल रहा था। शहर में छुट्टा पशु पकड़े जाने के अभियान में 100 पशु भी पकड़़े नहीं गए। जब शनिवार को दोपहर उपनगर स्वास्थ्य अधिकारी संचित शर्मा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक 33 पशु पकड़े गए हैं। दुधारू पशुओं को छुट्टा छोड़ने पर डेयरी वालों से औसतन डेड़ लाख रुपये महीने वसूले जा रहे हैं।


नदौसी में 900 के स्थान पर रखे गए 1700 पशु

नदौसी की कान्हा गोशाला की क्षमता 900 पशुओं की है। इस समय 1700 पशु इसमें हैं। सुंदरासी में नया गोआश्रय स्थल बन रहा है। इसलिए भी पशु पकड़ने का अभियान रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। अमर उजाला ब्यूरो
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पार्षदों की बात
मुझे आए दिन नगर निगम जाना पड़ता है पर ऐसा कोई मार्ग नहीं हैं जहां पर छुट्टा पशु सड़क पर न मिलें। मैं खुद उनसे बच बचाकर निकलता हूं। - कामिल हुसैन, पार्षद, परतापुर चौधरी
जिस तरह से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान चला, उसी तरह से छुट्टा पशुओं का अभियान है। नगर निगम के दावे हवा में है। गड्ढे और छुट्टा पशु सड़क पर हैं। - राजेश अग्रवाल, रामपुर गार्डन पार्षद
मेरे वार्ड में सांड के झुंड हैं। सड़क के किनारे खड़ी कई लोगों की कार क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। मैं नगर निगम को पत्र लिख चुका हूं, लेकिन हुआ कुछ नहीं। - आरब यादव, कंजादासपुर, पार्षद



जहां से भी सड़कों पर पशु घूमने की जानकारी मिलती है, तत्काल नगर निगम की टीम जाती है और छुट्टा पशुओं को पकड़कर गो-आश्रय स्थल भेजा जाता है। जुर्माना लेने के बाद पशु छोड़े जाते हैं। सुंदरासी में 500 पशुओं की रखने की क्षमता का नया गो-आश्रय स्थल 85 फीसदी बन चुका है। मार्च तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। - संचित शर्मा, उपनगर स्वास्थ्य अधिकारी. नगर निगम
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